टेलिकॉम कंपनी के 2 अफसरों ने लगाया करोड़ों का चूना

कंपनी के ऑडिट में फर्जीवाड़े की बात सामने आने पर पुलिस से शिकायत की गई। पुलिस ने दोनों अधिकारियों को नामजद करते हुए धोखाधड़ी और साजिश रचने का केस दर्ज किया। एक आरोपी पहले से ही किसी अन्य मामले में जेल में बंद है। सेक्टर-54 की मास्टर पीस सोसायटी में यूनिटेक वायरलेस तमिलनाडु प्राइवेट लिमिटेड नामक मोबाइल टेलिकॉम कंपनी का कॉर्पोरेट ऑफिस है।
इस कंपनी का हेड ऑफिस दिल्ली में है। कंपनी में जनवरी, 2010 तक सुनील भंडारी और सुनील अग्रवाल बतौर अधिकारी काम करते थे। दोनों को कंपनी ने चेक सहित दूसरे फाइनैंस मामलों में साइनिंग अथॉरिटी बनाया था। उन्होंने कंपनी के नाम पर एक फर्जी अकाउंट खुलवाया। कंपनी के नाम जो भी चेक आते वे इनमें जमा कर देते। इसमें 38 दिन तक करीब सवा करोड़ की रकम जमा कराई गई। यह रकम 14 दिसंबर, 2009 से 22 जनवरी, 2010 तक जमा करवाई गई। इसके बाद दोनों अधिकारी कंपनी से रिजाइन देकर चले गए।
कुछ दिनों पहले हुए कंपनी के ऑडिट में दोनों पूर्व अधिकारियों का यह कारनामा सामने आया। इसके बाद कंपनी के कानूनी सलाहकार पंकज वधवा ने सुशांत लोक थाने में इसकी शिकायत दी। पुलिस ने सुनील भंडारी और सुनील अग्रवाल के खिलाफ धोखाधड़ी और साजिश रचने का केस दर्ज कर लिया। मामले की जांच कर रहे एएसआई लाल सिंह ने बताया कि दोनों के बारे में पता किया जा रहा है। दोनों कहां के रहने वाले हैं, इस बारे में कंपनी से रेकॉर्ड लेने के बाद ही पता चल पाएगा। आशंका जताई जा रही है कि धोखाधड़ी के एक अन्य मामले में सुनील भंडारी जेल में बंद है।












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