बसपा का ऑपरेशन क्लीन- माया ने एक और विधायक को निलंबित किया

ज्ञात हो कि न्यायालय के समक्ष एक महिला ने श्री सागर पर अपहरण करके उसके साथ बलात्कार किये जाने के आरोप लगाये थे। महिला के आरोपों के मद्देनजर न्यायालय ने विधायक के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया था। न्यायालय द्वारा वारंट जारी किए जाने के बाद गिरफ्तार से भयभीत विधायक फरार हो गए। इसी दौरान विधायक ने हाई कोर्ट से स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया, इसके अलावा उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में सागर के खिलाफ जारी वारंट को रिकाल कर लिया गया और वह अभी भी लम्बित है।
प्रवक्ता के अनुसार मायावती ने विधायक के आरोपों को गम्भीरता से लेते हुए उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया। विधायक सागर को विधान सभा चुनाव का टिकट पहले ही काटा जा चुका है। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय के दौरान यह तीसरा अवसर था जब बहुजन समाज पार्टी ने किसी बड़े नेता को पार्टी से निलम्बित किया है, इससे पूर्व पार्टी ने सांसद धनंजय सिंह को भी गत 22 सितम्बर को निलम्बित किया गया था जबकि इससे एक दिन पूर्व विधायक अशोक चंदेल को पार्टी से बर्खास्त कर दिया गया था।
बसपा भले ही लगातार पार्टी के दागी मंत्रियों व सदस्यों को पार्टी निलम्बित करती जा रही हो लेकिन विपक्ष को मौका अवश्य मिल रहा है कि वह पार्टी पर लगाए जा रहे अपने आरोपों को सही साबित करने के लिए दलीलें पेश कर सकें।












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