एन डी तिवारी ही हैं रोहित के पापा : दिल्ली हाई कोर्ट

हाईकोर्ट की इस बात को दूसरा पक्ष एक मजबूत सबूत के तौर पर इस्तेमाल कर सकता है। न्यायमूर्ति गीता मित्तल ने कहा कि तिवारी डीएनए जांच के लिए खून का नमूना देने से इंकार के पीछे कोई कारण नहीं बता पाए, इसे कोर्ट रिकॉर्ड के तौर पर ले रही है।
तिवारी के इस तरह नमूना देने से मना करने पर कोर्ट उस समय विचार करेगी जब दूसरा पक्ष इस मामले में सबूत पेश करेगा। आपको बता दें कि 31 साल के रोहित शेखर ने दावा किया है कि वो एन डी तिवारी का बेटा है जिसके लिए उसने तिवारी का डीएनए टेस्ट कराने की मांग की है। जिसके बाद से तिवारी की ओर लगातार इस बात पर जोर दिया जा रहा था कि वो रक्त की जांच नहीं करायेगें।












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