भूगर्भशास्त्रीयों के कहा- संवेदनशील है उत्तरी सिक्किम

उन्होंने बताया कि हिमालय क्षेत्र में यह बड़ा प्रभावी क्षेत्र है क्योंकि यहां परिर्वनिक प्लेटें मिलती हैं। पहले भी भूकंप आए थे लेकिन इस बार तीव्रता और ज्यादा समय के होने से तबाही ज्यादा हुई।
भौमिक ने बताया कि रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 6.8 मापी गई और पहले के मुकाबले यह ज्यादा देर तक रहा। इसका प्रभाव चेन्नई तक महसूस किया गया। इसकी गहराई 10 से 20 किलोमीटर थी और प्राकृतिक तौर पर धरती की सतह पर जोर से आघात हुआ जिससे तबाही होना लाजिमी था।












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