देश को किसी परिवार का वंशज नहीं, सक्षम प्रधानमंत्री चाहिये: भाजपा

राज्यसभा में नेता विपक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए इस मुददे पर विचार करना आवश्यक है कि देश का नेतृत्व किन हाथों में सौंपा जाए। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के लिखित एवं मौखिक शब्दों की सम्पूर्ण सामग्री का उत्तर प्रदेश में संकलन अभियान समग्र अटल जी की शुरुआत करते हुए जेटली ने कहा कि अब समय आ गया है कि जनता इस पर फैसला ले कि देश का नेता परिवार विशेष में पैदा होने वाला हो या अनुभवी।
अरुण जेटली ने कहा कि यह देश की विडम्बना है कि ऐसे लोग देश को नेतृत्व करने को तैयार होते हैं जिनको आम जनता की दुख तकलीफ का पता ही नहीं। उन्होंने कहा किए ऐसे लोगों की योग्यता सिर्फ यह है कि उन्होंने ऐसे परिवार में जन्म लिया जिन्होंने कभी देश पर शासन किया। जेटली ने कहा कि कुछ दल परिवारों की सम्पत्ति बनकर रह गये हैं।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेतृत्व के लिए अनुभव की बहुत आवश्यकता है। उन्होंने अटल बिहारी बाजपेयी का उदाहरण पेश करते हुए कहा कि वे सामान्य कार्यकर्ता पत्रकार डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सहायक और कई दशक सांसद रहने के बाद प्रधानमंत्री बने यही कारण था कि उनके अनुभव को आज पूरा विश्व मानता है। उनका कहना था कि देश के नेतृत्व के लिए कम से कम 25-30 वर्ष सामान्य कार्यकर्ता के रुप में काम करना जरुरी होता है।
उन्होंने कहा कि आज अटल जी जैसा नेतृत्व देश के पास नहीं है जिस कारण देश कई मायनों में कमजोर हो गया है। उन्होंने केन्द्र सरकार पर आरोप लगाया कि संघीय ढांचे को तोडऩे का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्रियों की राय के बगैर ही राज्यपालों की नियुक्ति की जा रही है। राजभवनों को राजनीति का अड्डा बना दिया गया है।












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