सपा की क्रांति रथयात्रा में बसपा व कांग्रेस निशाने पर

प्रदेश में अगले साल फरवरी में संभावित विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सपा ने यात्रा के पहले चरण की शुरूआत पिछले 12 सित बर को की थी। यात्रा के पहले चरण में तीन दिन तक पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव राजधानी लखनऊ के अलावा उन्नाव और कानपुर के विधानसभा क्षेत्रों में गये थे। 19 सित बर से शुरू हुई पार्टी की यह दूसरी यात्रा काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस यात्रा के जरिए वह कांग्रेस व प्रदेश सरकार पर निशाना साधेगी।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र रायबरेली में खासा वक्त गुजारेगी और बाद में बुंदेलखंड में प्रवेश करेगी। आगामी 24 सित बर तक चलने वाली इस यात्रा में पार्टी ने बुंदेलखंड को विशेष महत्व दिया है। बुंदेलखंड में बसपा की जमीन काफी मजबूत है और कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी यहां पार्टी की स्थिति मजबूत करने के लिये काफी समय गुजार चुके हैं। पिछले अप्रैल में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुंदेलखंड में रैली कर उस इलाके के लिये अलग से पैकेज की भी घोषणा की थी। हालांकि सपा राज्य के बंटवारे की विरोधी रही है लेकिन राहुल गांधी बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाने पर अपनी सहमति दे चुके हैं।
बुंदेलखंड राज्य का सर्वाधिक पिछडा इलाका है जो पिछले सात साल से सूखे से जूझ रहा है और वहां कर्ज में डूबे किसानों की आये दिन आत्महत्या की खबरें आम हो गयी है। पार्टी प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने बताया कि सपा प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव दूसरे चरण की यात्रा का पहला दिन लखनऊ और रायबरेली में गुजारेंगे। वह श्रीमती गांधी के संसदीय क्षेत्र में बछरांवा, लालगंज और गुरूब शगंज जायेंगे। यात्रा के अगले दिन वह फतेहपुर से बुंदेलखंड के बांदा में प्रवेश करेंगे। सपा के प्रदेश अध्यक्ष की इस यात्रा को सोनिया गांधी को उनके ही घर में चुनौती देने की तरह माना जा रहा है। अखिलेश यादव दूसरे चरण में सर्वाधिक चार दिन बुंदेलखंड में गुजारेंगे, जिसमें वह बांदा के अलावा झांसी, महोबा, ललितपुर, उरई और कालपी जायेंगे।












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