20 हजार रुपए वेतन पर काम करते हैं आईएसआई एजेंट

ISI paid upto Rs. 20,000 to agents for each secret information about India
लखनऊ। रविवार की रात उत्‍तर प्रदेश एटीएस की कानपुर इकाई ने रेलवे स्‍टेशन के पास से आईएसआई एजेंट फैजल को गिरफ्तार किया। एटीएस ने फैजल के पास से भारतीय सेना के गुप्‍त दस्‍तावेज, मोबाइल फोन बरामद किये। एटीएस को फैजल के पास से एक डायरी बरामद हुई, जिसमें आईएसआई के आकाओं का मोबाइल नंबर लिखा हुआ है।

एटीएस ने जब फैजल से पूछताछ की तो कुछ ऐसी बातें सामने आईं जिसने होश उड़ा दिये। शायद आप भी इसे सुनकर चौंक जायें कि भारत में काम करने वाले आईएसआई एजेंट को प्रति सूचना के लिये कम से कम 20 हजार रुपये दिये जाते हैं। मीडिया के शब्‍दों में कहे तो सैलरी 'स्‍टोरी वाइज' दी जाती है। बड़ी सूचना देने पर सैलरी के साथ ही साथ इंसेटिव और बोनस भी दिया जाता है। पूछताछ के दौरान फैजल ने बताया कि वह अबतक 5 हजार से ज्‍यादा सूचनाएं अपने आकाओं को दे चुका है जो वर्तमान में पाकिस्‍तान में बैठे हैं।

फैजल ने बताया कि अबतक उसे सैलरी के रूप में 10 लाख रुपये मिल चुके हैं। आईएसआई एजेंट फैजल ने बताया कि पाकिस्‍तानी कैंप में परीक्षण पूरा करने के बाद एजेंट को इलाके वार कमान सौंप दी जाती है। इसी तरह फैजल को रांची, इलाहाबाद, झांसी और कानपुर की कमान सौंपी गई थी। यहां के सैन्‍य ठिकानों के रैकी करना और नक्‍शे जुटाना उसका प्रमुख काम था।

इन सबपर चर्चा करने से पहले आपका ध्‍यान थोड़ी देर के लिये मीडिया के क्षेत्र में ले जाना चाहूंगा। दरअसल होता यह है कि न्‍यूज चैनल्‍स अलग-अलग क्षेत्रों में स्‍ट्रिगंर रखते हैं। स्‍ट्रिगंर अपने-अपने इलाकों से न्‍यूज एकत्र करते हैं और अपने सीनियर को भेजते हैं। उनका सीनियर ही यह तय करता है कि स्‍टोरी टीवी पर चलने लायक है या नहीं। अगर उनकी स्‍टोरी टीवी पर चलती है तो उन्‍हें पैसा दिया जाता है। अब आप सोच रहें होंगे कि अचानक मीडिया की बात कहा से आ गई तो हम आपको बताते हैं कि बिल्‍कुल इसी तर्ज पर फैजल काम करता था।

फैजल सूचनाएं एकत्र कर सिकंदर नामक अपने बॉस को भेजता था। सिकंदर यह तय करता था कि यह सूचना आकाओं को भेजने लायक है या नहीं। अगर सिंकदर को लगता था कि सूचना पुख्‍ता है तो वह उसे आगे भेज देता था और उसके एवज में फैजल को पैसा मिल जाता था। फैजल ने बताया कि योग्‍यता के हिसाब से ही एजेंटों को फीस दी जाती थी मगर कम से कम कीमत 20 हजार थी। फैजल ने यह भी बताया कि वह अबतक आधा दर्जन से अधिक युवकों को ट्रेनिंग के लिये पाकिस्‍तान भेज चुका है। फैजल के मुताबिक आतंकी अपने कार्रवाई को गोप‍नीय रखते हैं यहां तक की वह अपने एजेंटों को भी नहीं बताते कि वह क्‍या करने वाले हैं। उसने बताया कि मगर टारगेट के बारे में रैकी एजेंट से ही कराई जाती है।

आईएसआई के आकाओं से मिलने का जरिया थी फैजल की पत्‍नी

फैजल की शादी कराची में हुई थी। एटीएस के एक अला अधिकारी की मानें तो जब जब उसे अपने आकाओं से मुलाकात करनी होती थी या फिर किसी विशेष मिशन के लिये ट्रेनिंग लेनी होती थी तो वह पत्‍नी के बहाने कराची पहुंच जाता था। फोन पर एटीएस के एक अधिकारी ने बताया कि इस दिशा में छानबीन की जा रही है कि फैजल की पत्‍नी भी आईएसआई के लिये काम करती थी।

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