ओबामा से नहीं मिल पाएंगे मनमोहन

मथाई ने कहा कि भारत हमेशा से इस बात का पक्षधर रहा है कि अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा प्रक्रिया में सुरक्षा परिषद की अहम भूमिका रहे। मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में जबकि आतंकवाद अपना सिर उठा रहा है, उसके खिलाफ कड़े व प्रभावी कदम उठाने जरूरी है। मथाई ने कहा कि हाल में दिल्ली और आगरा में हुई बम विस्फोटों ने आतंकवाद को लेकर चिंताएं बढ़ाई हैं। भारत सुरक्षा परिषद की आतंकवाद विरोधी समिति का अध्यक्ष भी है। इस समिति ने 28 सितंबर को अपनी विशेष बैठक बुलाई है। इस बैठक में भारत आतंकवाद के खिलाफ अतंरराष्ट्रीय सहयोग व सामूहिक कार्रवाई पर खासा जोर देगा।
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री के साथ विदेश मंत्री एसएम कृष्णा, विदेश सचिव रंजन मथाई, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के साथ प्रमुख अधिकारियों का एक दल भी जा रहा है। विदेश मंत्री कृष्णा इस दौरान आधा दर्जन अन्य प्रमुख बैठकों में हिस्सेदारी करेंगे। इनमें 22 सितंबर राष्ट्रमंडल देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक, 23 सितंबर को ब्रिक्स की मंत्रिस्तरीय बैठक, 23 सितंबर को ही जी-77 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक व इब्सा मंत्रिस्तरीय बैठक प्रमुख हैं।












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