बांदा रेप केस: अपने विधायक को बचा नहीं सकी मायावती

बांदा के भरथना से सत्ताधारी विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी की जांच अब सीबीआर्ई करेगी। विधायक पर आरोप है कि पिछले वर्ष 10 दिसम्बर को सत्ताधारी विधायक पुरुपोत्म द्विवेदी ने साथियों के साथ मिलकर दलित युवती शीलू के साथ सामूहिक बलात्कार किया था। बलात्कार का शिकार शीलू ने जब आप बीती नरैनी थाने पर जाकर पुलिस को सुनाई लेकिन पुलिस ने सत्ता धारी नेता का नाम सुनकर पीडि़ता की बात अनसुनी कर दी।
इसकी जानकारी ब विधायक को हुई तो विधायक के इशारे पर पुलिस ने रुपए व मोबाइल चोरी का मामला दर्ज कर शीलू को जेल भेज दिया। बलात्कार का शिकार होने के बाद बेटी को जेल भेजे जाने पर शीलू के पिता अच्छेलाल ने न्याय के शासन का दरवाजा खटखटाया लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। मामले ने जब तूल पकड़ा तो सरकार ने मामले की जांच सीबीसीआईडी को सौंप दी।
गत 12 जनवरी को न्यायालय के आदेश पर विधायक पुरुषोत्म द्विवेदी, सुरेश नेता, राणा, राजेन्द्र शुक्ला के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस ने सुरेश नेता व राजेन्द्र शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया। जब शासन सत्ता के उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों के निर्देश मिले तो अगले ही दिन पुलिस ने विधायक पुरुषोत्तम को भी गिरफ्तार कर लिया। सीबीसीआईडी जांच के बाद 15 जनवरी को न्यायालय ने शीलू को रिहा करने के आदेश दिये। फिलहाल परिस्थितियों को देखते हुए शीलू को सुरक्षा मुहैया करा दी गयी है। गत 20 जनवरी को सीबीसीआईडी ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। सोमवार को अधिवक्ता राजाराम व इरुदयानाथन की याचिका पर उच्च न्यायालय ने सीबीआई से जांच कराने के निर्देश दिये।












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