राजगुरु, सुखदेव के खिलाफ गवाही देने वाले को सम्मान देने पर पीएम का विरोध

एआईएसएफ के राज्य संयोजक रोशन सुचान ने कहा कि प्रधानमंत्री ने दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को कनाट पैलेस के पास एक सड़क व यहां के एक मशहूर सभागार का नाम शोभा सिंह के नाम पर रखने के लिए पत्र लिखा है। इस सम्मान को अनुचित मानते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा करके केंद्र सरकार देश के गद्दारों का साथ देने का काम कर रही है। ऐसा लगता है कि सरकार भगत सिंह के विचारों से डरने लगी है।
उन्होंने कहा कि एआईएसएफ सरकार के इस कदम की निंदा करती है और पूरे देश में इसके खिलाफ आंदोलन चलाया जाएगा। उनके साथ जिला अध्यक्ष अजीत सिंह, जिला सचिव जगजीत सिंह, राजीव साहिल, विकास, राजीव वर्मा, गुरजंट सिंह, नरेश जांगड़ा, नवजोत सिंह, सुखपाल, हरपाल सिंह, सिमर, राजेश, बब्बू कंबोज, मोहनलाल, धर्मवीर, सोनू, राकेश कंबोज सहित अन्य छात्र मौजूद थे।
कौन है शोभा सिंह
शोभा सिंह मशहूर लेखक खुशवंत सिंह के पिता हैं। आजादी की लड़ाई के दौरान जब भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरू ने जब एसेंबली में बम फैंका था तब उनके खिलाफ चले मुकदमें में शोभा सिंह मुख्य गवाह के रूप में सामने आए थे। उनकी गवाही पर ही अंग्रेजो ने भगत सिंह व अन्य साथियों को मौत की सजा सुनाई थी। मरणोपंरात उन्हें सरकार सर की उपाधि से सम्मानित कर चुकी है। इसके बाद अब केंद्र सरकार दिल्ली सरकार सड़क व सभागार का नाम उनके नाम पर करवाना चाहती है।












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