निघासन के सोनम हत्याकांड की जांच अब सीबीआई को

पुलिस ने पहले इसे आत्म हत्या करार दिया लेकिन जब जांच पड़ताल हुई तो मामला पुलिस कर्मियों द्वारा हत्या किए जाने का सामने आया। आरोप लगा कि पुलिस कर्मियों द्वारा हत्या से पूर्व सोनम का बलात्कार करने का प्रयास किया गया लेकिन सफलता न मिलने पर उसकी हत्या कर शव पेड़ से लटका दिया गया।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने हत्याकाण्ड की जांच पहले सीबीसीआईडी को सौंपी थी और रिपोर्ट के आधार पर 13 जुलाई को तीन पुलिस वालों को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि निघासन काण्ड की गूंज प्रदेश भर में सुनायी देने के बाद थाने पर तैनात पुलिस कर्मियों को निम्बित कर दिया गया था। यहां तक की लखीमपुर खीरी के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक डी.के.राय को निलंबित भी किया था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच में बच्ची की गला दबाकर हत्या किये जाने की पुष्टि हो चुकी है लेकिन उसके साथ बलात्कार किये जाने की बात पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नहीं आयी। हालांकि घरवालों का आरोप था कि सोनम के साथ पहले बलात्कार किया गया और उसके बाद उसकी हत्या कर दी गयी। बताया जा रहा है कि सीबीसीआईडी मामले में आरोप पत्र दाखिल करने वाली है।
सरकारी प्रवक्ता का कहना है कि सीबीसीआईडी की जांच सही दिशा में जा ही थी लेकिन सोनम के परिवार वालों की मांग पर सरकार ने जांच सीबीआई को सौंपे जाने की संस्तुति की। प्रवक्ता का कहना है कि इसके लिए विपक्षी दलों ने सोनम के परिजनों को बरगलाया और कहा कि सरकार हकीकत को छिपाने का प्रयास कर रही है अत: वह मामले की सीबीआई से जांच की मांग करें। ज्ञात हो कि राज्य सरकार ने सोनम हत्याकांड की जांच 12 जून को सीबीसीआईडी को सौंपी थी।












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