लड़की के घर वालों ने प्रेमी को जिंदा जलाया

हजरतगंज के पिपराघाट निवासी बाबूलाल के 25 वर्षीय पुत्र रंजीत को एक सैन्य अधिकारी की बेटी से प्रेम हो गया। दोनों विवाह करने का निर्णय लिया। जैसे तैसे दोनों ने अपने घरवालों को राजी भी कर दिया। घरवालों ने दोनों की सगाई कर दी। लेकिन उनकी किस्मत में विवाह नहीं लिखा था। रंजीत के भाई ओम प्रकाश का कहना है कि देर रात रंजीत जब घर से बाहर निकला तो उसकी मंगेतर के फोन से उसे फोन आया और कुछ बात होने के बाद वह लड़की के घर चला गया।
वहां रंजीत की युवती व उसके घरवालों से किसी बात पर कहासुनी हो गयी, जिसके बाद युवती के घरवालों ने रंजीत को जलाकर मार डालने की कोशिश की। रंजीत का शरीर 90 प्रतिशत तक जल गया है। ओम प्रकाश ने बताया कि सगाई के बाद युवती के घर वाले शादी से इनकार कर रहे थे जिस कारण उन्होंने उसके पिता, मां व मामा को भी बुलाया था तथा अपने फैसले की जानकारी दी थी उसी के बाद यह घटना हुई।
उधर रंजीत श्यामा प्रसाद मुखर्जी चिकित्सालय में जिन्दगी और मौत से जूझ रहा है। जबकि युवती के घरवालों से जब पुलिस ने पूछताछ की तो उन्होंने कहा कि घटना से उनका कोई लेना देना नहीं रंजीत ने स्वयं ही आग लगायी है। उन्होंने कहा कि जब रंजीत को पता चला कि उनकी लड़की की एक अन्य लड़के से भी मित्रता है तो वह आपे से बाहर हो गया और यह घटना हुई। रंजीत के भाई की तहरीर पर पुलिस ने युवती के भाई प्रमोद व विनोद को गिरफ्तार कर लिया है।












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