यूपी: मोहम्मदी गैंगवार में एसडीएम व तहसीलदार पर मामला दर्ज

यह पूरा मामला प्रशासन की लापरवाही का भी है। अगर पुलिस ने इस मामले पर कोई कार्रवाई की होती तो इतना बड़ा हादसा होने से बच सकता था। मोहम्मीद तहसील में वकीलों और लेखपालों के बीच तकरार 1 महीने से पहले से भी चल रही थी। वकीलों ने आरोप लगाया था कि लेखपाल सर्टिफिकेट बनवाने के लिए रिश्वत मांगते थे। इस मामले में स्थानीय लोगों ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। जिस पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। वकीलों और लेखपालों के बीच चल रहा यह विवाद कुछ दिन पहले मारपीट तक पहुंच गया।
इस गोलीकांड में मुख्य आरोपी लेखपाल अंतर अवस्थी की कुछ वकीलों ने पिटाई कर दी थी। इसके बाद दोनों पक्षों की तरफ से पुलिस में मामला दर्ज कराया गया। इसके बाद वकीलों ने पुसिल पर लेखपालों का पक्ष लेने का आरोप भी लगाया था। दोनों पक्ष तहसील परिसर में हथियार लेकर पहुंचते थे। इसके बावजूद भी पुलिस नहीं चेती। लेखपाल शनिवार को धरने पर बैठने वाले थे। वकील इसका विरोध करने धरने के पास पहुंचे। उस समय सभी लेखपाल अपने परिसर में थे। वकीलों ने बाहर से हंगामा काटा। इसके बाद लेखपालों ने अपने कमरे से ही अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
अंधाधुंध फायरिंग में 7 लोगों को गोली लगी। 2 वकीलों की मौके पर ही मौत हो गई। जो 5 लोग घायल हुए हैं उनमें से भी एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस मामले को लेकर वकीलों ने जिले में जमकर हंगामा काटा था। इस गैंगवार के खिलाफ प्रदेश के वकील एकजुट हो गए हैं। आज लखनऊ सहित प्रदेश के कई जगहों पर वकील हड़ताल पर बैठे।












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