बाबा रामदेव को घेरने में जुटी है सरकार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरकार ने इस बार बाबा रामदेव के आर्थिक साम्राज्य को चुनौती दी है। बाबा रामदेव के चार कंपनियों के खिलाफ सरकार ने विदेशी मुद्रा विनिमय कानून (फेमा) के उल्लंघन का मामला दर्ज किया है और इन कंपनियों को 14 सितंबर तक अपना पक्ष रखने के लिए कहा है। हालांकि बाबा रामदेव ने कहा है कि उनकी किसी कंपनी को फेमा के उल्लंघन के मामले में नोटिस नहीं मिला है।
सूत्रों ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय ने बाबा रामदेव के जिन कंपनियों और ट्रस्टों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें धार्मिक चैनल आस्था को चलाने वाली कंपनी वैदिक ब्रॉडकास्टिंग लिमिटेड, आयुर्वेद की दवा बनाने वाली कंपनी पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड और दिव्य योग ट्रस्ट शामिल हैं। इन कंपनियों के खिलाफ फेमा के उल्लंघन के शुरुआती सबूत मिलने के बाद नोटिस जारी किया है।
बताया जा रहा है कि अब कंपनियों के जवाब के बाद ही प्रवर्तन निदेशालय यह तय करेगा कि इस बाबत क्या बाबा रामदेव को पूछताछ के लिए बुलाया जाय या नहीं। सूत्रों ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने प्रवर्तन निदेशालय को सूचित किया था कि बाबा रामदेव से जुड़ी इन कंपनियों ने आयुर्वेदिक दवाओं के निर्यात से विदेशी मुद्रा में हुई 1.8 करोड़ रुपये की आमदनी की जानकारी नहीं दी है।
यह फेमा का उल्लंघन है। उधर, बाबा रामदेव ने भी सरकार को स्पष्ट चुनौती दे दी है कि यदि सरकार उनको कुचलने का प्रयास करेगी तो वे चुप नहीं बैठेंगे औऱ सरकार का मुंहतोड़ जवाब देंगे। यानी सरकार और बाबा रामदेव के खिलाफ एक बार फिर टकराव तय है।













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