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टीम अन्‍ना में सरकारी एजेंट तो नहीं थे स्‍वामी अग्निवेश?

By Ajay Mohan
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नई दिल्‍ली। राजधानी के जंतर-मंतर पर जन लोकपाल बिल के लिए शुरू हुए आंदोलन में पहले दिन से टीम अन्‍ना के साथ-साथ दिखने वाले स्‍वामी अग्निवेश हर पल, हर घड़ी अन्‍ना हजारे की लड़ाई में अपनी टीम के साथ रहे, लेकिल रामलीला मैदान में छोटे से विवाद के बाद प्रसारित हुए वीडियो ने अग्निवेश को शक के घेरे में ला कर खड़ा कर दिया है। सबसे बड़ा सवाल उठ रहा है- कहीं अग्निवेश अन्‍ना आंदोलन के दौरान सरकारी ऐंट के रूप में काम तो नहीं कर रहे थे?

इस सवाल के गहराने की कई वजहें भी हैं। पहली वजह स्‍वामी अग्निवेश और टीम अन्‍ना के अन्‍य सदस्‍यों के बीच वो विवाद जो रामलीला मैदान पर हुआ था। अन्‍ना अनशन पर बैठे थे, तभी टीम अन्‍ना की एक वार्ता के तुरंत बाद अग्निवेश वहां से गुस्‍से में उठकर चले गये थे। उस दौरान लगा था कि हो सकता है अग्निवेश की कोई बात नहीं मानी गई होगी, इसीलिए वो पंडाल छोड़ कर चले गये।

अन्‍ना के अनशन के खत्‍म होने के ठीक पहले टीवी चैनलों पर एक वीडियो जारी हुआ। वीडियो में अग्निवेश किसी कपिल नाम के व्‍यक्ति से बात कर रहे थे। जनलोकपाल बिल पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्‍बल के नकारात्‍मक रुख को देखते हुए सीधा इशारा उन्‍हीं की ओर गया, लेकिन जब मीडिया ने अग्निवेश से पूछा कि आप किस कपिल से बात कर रहे थे, तो वो बोले हरिद्वार के कपिल मुनि से। वीडियो में अग्निवेश ने कहा, "कपिल जी टीम अन्‍ना के सदस्‍य पागल हाथी हो गये हैं।"

कई चैनलों ने अपने-अपने सूत्रों के हवाले से हरिद्वार में खोज की तो पता चला कि हरिद्वार में कपिल मुनि नाम के एक संत हैं, लेकिन उनकी स्‍वामी अग्निवेश से कोई बात नहीं हुई। दूसरी सबसे अहम बात तब सामने आयी जब मंगलवार को अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा में यह कहा कि अग्विनेवश टीम अन्‍ना में नहीं हैं। लंबे समय तक टीम में रहने के बाद बाहर का रास्‍ता दिखाया जाना कोई छोटी बात नहीं हो सकती। गांधीवादी टीम अन्‍ना ने अग्निवेश से किसी भी प्रकार की टशन का खुलासा नहीं किया।

अग्निवेश ने दिल्‍ली छोड़ दिया है, लेकिन फिर भी ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर अग्निवेश को टीम अन्‍ना ने अलग क्‍यों कर दिया। यही नहीं अग्निवेश टीम अन्‍ना के जिस मकान में रह रहे थे, वह भी उनसे खाली करवा लिया गया है। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल तेजी से गहरा गया है कि आंदोलन के वक्‍त कहीं अग्निवेश सरकारी एजेंट के रूप में काम तो नहीं कर रहे थे। अगर ऐसा वाकई में हुआ है तो भगवा वस्‍त्र पहनकर मुंह में राम बगल छूरी जैसी बात होगी, जो पब्लिक को शायद कभी बर्दाश्‍त नहीं होगी।

ताज़ा अपडेट की बात करें तो अग्निवेश के समर्थक ने दिल्‍ली प‍ुलिस में एफआईआर दर्ज कराते हुए इस वीडियो को फर्जी करार दिया है, लेकिन जब उनसे यह पूछा गया कि क्‍या अग्निवेश पुलिस को अपनी आवाज़ का सैम्‍पल देंगे? तब समर्थक ने कहा वो क्‍यों सैम्‍पल दें, जांच करना पुलिस का काम है, वो अपने स्‍तर पर करे।

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English summary
The doubts over the honesty of Swami Agnivesh are getting deeper as his supporter filed FIR against the video and said that why he would give voice sample. People are seeing him as suspected agent of government in Team Anna.
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