यूपी में कांशीराम योजना के नाम पर वकीलों ने लाखों ठगे

हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले दो वकीलों रायबरेली निवासी राम हर्ष यादव और बीएन गुप्ता ने निरालानगर में काशीराम ग्राम विकास योजना के नाम से एक कार्यालय खोला। खुद को जिला कोआरडिनेटर और ब्लाक कोआरडिनेटर बताने वाले दोनों ठगों ने प्रदेश के कई गांव में अस्पताल और क प्यूटर सेंटर खोलने की योजना लोगों के सामने रखी।
साथ ही कुछ कोआरडिनेटरों को नियुक्त की बात भी कही। ठगों के झांसे में कई बेरोजगार युवक फंस गए। ठगों ने युवकों से रूपए लेने शुरू कर दिए। सभी कोआरडिनेटरों को अपने नीचे लोगों को जोडऩे का काम सौंपा। वेतन के नाम पर कोआरडिनेटरों को कुछ माह वेतन भी दिया। इसके बाद वेतन देना बंद कर दिया। जिला और ब्लाक कोआरडिनेंटरों ने जब दोनों वकीलों से सम्पर्क किया कुछ जानकारी मांगी तो उन्हें सही-सही जवाब नहीं मिला तथा यह कहा गया कि वह अपने कार्य करते रहे जल्द ही मुख्यालय से निर्देष आएंगे तो आगे की कार्यवाही होगी।
करीब तीन चार माह का समय बीते जाने के बाद जिलों के कोआरडिनेटर निरालानगर स्थित कार्यालय पहुंचे तो वह ताला पड़ा था। कोआरडिनेटरों ने डीआईजी डीके ठाकुर से मिलकर पूरे मामले की शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी ने हसनगंज पुलिस को दोनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए।
हसनगंज पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की तो पता चला कि दोनों वकील है। पुलिस ने दोनों की तलाश कर रही है।












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