अन्ना की टोपी में भरे हैं गांधी के विचार
जी हां देश के इतने बड़े आंदोलन में अन्ना की टोपी ने लोगों के अंदर गांधीवादी विचारधारा को प्रवाहित करते हुए अहिंसात्मक रुख प्रदान किया और इतने बड़े आंदोलन में देश के किसी भी कोने से हिंसा की खबर नहीं आयी। टीम अन्ना की सदस्य किरण बेदी ने रामलीला मैदान में कहा कि अब अगर कोई भी रिश्वत मांगे तो उसे अन्ना की टोपी थमा देना। उनकी इस बात में बहुत दम है।
अगर हमें भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकना है तो अपने साथ अन्ना की टोपी रखनी ही होगी। देश में अगर परिवर्तन लाना है तो भ्रष्ट अधिकारियों, कर्मचारियों और नेताओं को अन्ना की टोपी पहनानी ही होगी। यह बात हम अच्छी तरह से जानते हैं कि अन्ना की टोपी पहनने के बाद उस अधिकारी के पाप धुल नहीं जायेंगे, लेकिन कुछ हद तक उनमें बदलाव जरूर ला सकते हैं।
अगर आपके पास अन्ना की टोपी नहीं है, तो एक टोपी लाकर घर में जरूर रखें। यह टोपी आपके बच्चों के अंदर गांधीवादी विचार भरने के लिए काफी है। और हां इससे भी बेहतर होगा अगर हर स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, संस्थानों व कार्यालयों में अगर गांधी जयंती, स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के कार्यक्रमों में लोग सफेद टोपी पहनकर शामिल हों। यह टोपी हमें गांधी के उन विचारों पर अहम करने के लिए प्रेरित करती है, जिनके बल पर उन्होंने देश को आजादी दिलायी थी।













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