अन्ना हजारे के आमरण अनशन के साथ नहीं हैं स्वामी अग्निवेश
दिल्ली।
जनलोकपाल बिल पर अन्ना हजारे के आमरण अनशन पर टीम अन्ना में तकरार पैदा होने शुरू हो गए हैं। टीम अन्ना के अहम सदस्य स्वामी अग्निवेश ने खुद को जनलोकपाल बिल की मुहिम से अलग कर लिया है। अग्निवेश ने इसके पीछे यह दलील दी है कि अन्ना हजारे का आमरण अनशन उनके सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि अनशन से पहली जो बात तय हुई थी उसके मुताबिक सरकार अगर लोकपाल बिल में जनलोकपाल बिल की शर्तों को शामिल किया जाता है तो अन्ना हजारे अपना अनशन तोड़ देंगे। id="toptextpromo">अब
सरकार ने जब जनलोकपाल बिल पर संसद में बहस करने की मांग स्वीकार कर ली है तो अन्ना हजारे को अनशन तोड़ देन चाहिए। इसके अलावा स्वामी अग्निवेश इस बात से भी असहमत दिखे जिसमें अन्ना हजारे ने ड्रिप लेने से इंकार कर दिया था। अग्निवेश का कहना है कि अब अन्ना हजारे जिद पर अड़ गए हैं और वे केवल अपनी ही बात सुन रहे हैं। अब वे कह रहे हैं कि सराकर जब तक जनलोकपाल बिल पारित नहीं कर देती तब तक वे अपना अनशन जारी रखेंगे। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>बीबीसी
को दिए बयान में स्वामी अग्निवेश ने कहा कि उन्होंने खुद अन्ना हजारे से ड्रिप लेने की अपील की थी। अगर वे ड्रिप ले लेते तो अन्ना हजारे का अनशन भी जारी रहता और उनकी तबियत भी इतनी नहीं बिगड़ती। स्वामी अग्निवेश ने अन्ना हजारे के उस बयान से भी आपत्ति जताई जिसमें उन्होंने अपने समर्थकों से यह अपील की थी कि अगर दिल्ली पुलिस उन्हें अनशन स्थल से जबरदस्ती उठाने की कोशिश करे तो पुलिस का रास्ता रोका जाए।











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