जेपी पार्क बनेगा अन्ना हजारे के अनशन का गवाह

सीपीडब्लूडी की इजाजत के लिए अन्ना की टीम दर-दर भटक रही है। अनशन की तारीख से 4 दिन पहले ही अन्ना को पुलिस ने जेपी पार्क में अनशन की इजाजत दी थी। यहां अनशन के लिए अन्ना हजारे को कई तरह की प्रक्रियाओं से गुजरना था। पुलिस की इजाजत मिलने के बाद सिविल सोसाइटी के सदस्य कई विभागों की धूल छान चुके हैं। अभी तक उन्हें अनशन करने के लिए सीपीडब्लूडी की इजाजत नहीं मिली है।
12000 की क्षमता वाला यह पार्क काफी समय से उजड़ा पड़ा था। अब सीपीडब्लूडी ने इसमें मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। सीपीडब्लडी का कहना है कि उन्हें अनशन के लिए जेपी पार्क में इजाजत देनें में कोई प्रॉब्लम नहीं है। लेकिन इसके लिए पहले अन्ना हजारे को शहरी श्रम मंत्रालय से इजाजत लेनी पड़ेगी। सीपीडब्लूडी की इस दलील के बाद टीम अन्ना ने शहरी श्रम मंत्रालय का दरवाजा खटखटाया है।
एक तरफ जहां अन्ना हजारे सिविल सोसाइटी के साथ मिलकर जनलोकपाल बिल को लागू करवाने की रणनीति बनाने में लगे हुए हैं वहीं सरकार उनके अनशन में अड़ंगा बनने की पुरजोर कोशिश कर रहा है। अब देखना है कि अन्ना के अनशन में सरकार कितनी मुश्किलें खड़ी करती है। फिलहाल स्वतंत्रता दिवस के अगले दिन से अन्ना हजारे आजादी की एक और लड़ाई के लिए कमर कस चुके हैं।












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