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हरियाणा में अवैध हथियार बनाने की फैक्टरी पकड़ी गई

Illegal arms factory sealed in Haryana
बहादुरगढ़। दुल्हेड़ा हत्याकांड की तफ्तीश में जुटी झज्जर जिला पुलिस ने इस हत्याकांड को अंजाम देने में शामिल रहे एक और आरोपी चंद्रपाल उर्फ सोनू पुत्र हरद्वारी वासी गांव माडौठी को काबू कर लिया है। पूछताछ में इस आरोपी ने विस्तार से इस बात का खुलासा किया है कि कैसे एवं किन-किन लोगों ने इस चौहरे हत्याकांड को विगत दिनों कैसे अंजाम दिया था। पूछताछ में निकली जानकारियों पर काम करते हुए पुलिस गांव मांडौठी में हथियार बनाने की एक फैक्टरी का भी भंडाफोड़ किया है।

जिला पुलिस अधीक्षक पी.आर. सिंह ने आज यहां प्रेस कांफ्र्रेस में इसका विस्तार से खुलासा करते हुए बताया कि यह फैक्टरी गांव मांडौठी का रहने वाला हेमचंद्र उर्फ हेम्मे पुत्र रामगोपाल अपने मकान में चला रहा था। छापामारी के दौरान हेमचंद्र तो पुलिस के हाथ नहीं लग पाया लेकिन उसका पिता पुलिस की हिरासत में आ गया है, जिससे जरूरी पूछताछ की जा रही है।

सिंह ने बताया कि पुलिस ने अपनी इस छापामार कार्रवाई के दौरान हेमचंद्र उर्फ हेमा के मकान में चल रही इस फैक्टरी से भारी मात्रा में हथियार एवं गोलियां तथा हथियार बनाने का अन्य साजो-सामान भी कब्जे में लिया है। उन्होंने बताया कि इस फैक्टरी से 12 बोर के दो पिस्टल, 315 बोर के तीन देसी पिस्टल, .32 बोर की एक माउजर, 12 बोर के दो अधबने पिस्टल तथा एक देसी सिक्सर रिवाल्वर बरामद किए हैं। इतना ही नहीं विभिन्न किस्म के डेढ़ सौ से अधिक कारतूस भी पुलिस ने बरामद करने में कामयाबी पाई है। इनमें 12 बोर के 50 कारतूस, 9 एम.एम. के 35, 32 बोर रिवाल्वर के 5 एवं 32 बोर पिस्टल के 30, थ्री नॉट थ्री का 1 कारतूस, 315 बोर के 13 तथा 22 कारतूस अन्य किस्म के हथियारों के बरामद किए गए हैं। बरामद कारतूसों की कुल संख्या 156 बनती है। इसके अलावा इस फैक्टरी से पुलिस को दो चाइना मेड वॉकी-टॉकी सैट्स भी बरामद हुए हैं, जिनके बारे में तकनीशियनों से जांच कराई जा रही है। दोनों वॉकी-टॉकी फिलहाल चालू हालत में हैं और उनकी रेंज के बारे में तकनीकी विशेषज्ञों की राय ली जा रही है ताकि यह मालूम किया जा सके कि इन वाकी-टाकी से कितने किलोमीटर दूरी पर आपस में बातचीत की जा सकती है।

शातिराना तरीके से अंजाम दिया चौहरे हत्याकांड को

एसपी ने बताया कि चौहरे हत्याकांड को शातिराना तरीके से योजना बनाकर अंजाम दिया गया था और इस बात का खुलासा इस हत्याकांड को अंजाम देने में शामिल रहे अब गिरफ्तार किए गए आरोपी चंद्रपाल उर्फ सोनू पुत्र हरद्वारी वासी मांडौठी गांव ने पुलिस द्वारा की जा रही पूछताछ में भी किया है।

आरोपी ने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया है कि किस तरह से घटना वाले रोज वे सभी बदमाश एकत्रित होकर करीब साढ़े 12 बजे यहां से निकले थे। उनका मकसद पुराने दुश्मन संदीप पुत्र देवेंद्र, सुनील पुत्र सूंडा, सतपाल उर्फ सत्ते पुत्र चंद्र एवं सोनू पुत्र सूरजमल को मौत की नींद सुलाना था। योजना का खाका खींचने में रामचंद्र पुत्र रामफल बोझ के अलावा मुकेश उर्फ गुंगा पुत्र बेगा तथा हेमचंद्र उर्फ हेम्मे पुत्र रामगोपाल की सबसे अहम भूमिका रही थी।

पूछताछ में आरोपी ने बताया है कि उस रोज मुकेश उर्फ गुंगा को दुश्मनों की मुखबिरी के लिए अदालत परिसर में भेजा था और उसने वहां पर पुलिस के कड़े पहरे को देखते हुए अपने साथी बदमाशों को आगाह कर दिया कि यहां पर उपरोक्त चारों पर हमला करना ठीक नहीं होगा क्योंकि यहां पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। जब कोर्ट की पेशी से फारिग होने के बाद संदीप, सुनील, सतपाल व सोनू अपनी गाड़ी में बैठकर बहादुरगढ़ की ओर चले तो गुंगा ने सूचना दी कि वे लोग गाड़ी में बैठकर निकल लिए हैं। सूचना मिलते उसके सभी साथी बदमाश अलर्ट हो गए।

पूछताछ में मालूम पड़ा है कि गुंगा की सूचना पाकर उसके साथी बदमाश राजेश व मुकेश पुत्र सुखबीर वासी मांडौठी तथा करतार व हरीश उर्फ बंदर पुत्र रामफल तथा प्रदीप उर्फ मोनू पुत्र रामकुमार काले रंग की सैंट्रो कार में सवार हो गए जबकि संजीव उर्फ काला पुत्र रामफल, ज्ञानेंद्र पुत्र महेंद्र, बीरपाल पुत्र मांगराम, चंद्रपाल पुत्र हरद्वारी एवं बॉबी पुत्र सुखबीर सफेर रंग की सैंट्रो कार में सवार हो गए जबकि तीन साथी बदमाश योगेश पुत्र आपले वासी निलौठी, चुलियाना गांव वासी संदीप पुत्र रामकिशन एवं प्रदीप पुत्र ओमप्रकाश वासी गांव कारौर जिला रोहतक एक लाल रंग की बजाज पल्सर बाइक पर सवार हो लिए।

दुल्हेड़ा गांव के नजदीक पहुंचते ही उपरोक्त सभी ने उस मारूति एस.एक्स 4 कार का पीछा किया जिसमें उनके दुश्मन सवार थे। एक बारगी एक गाड़ी ने इस एस.एक्स 4 को ओवरटेक भी कर लिया था लेकिन शायद सत्ते एवं उसके साथियों को अनहोनी का अंदेशा हो गया था सो उन्होंने अपनी गाड़ी को भगा लिया लेकिन थोड़ी दूरी पर ही दुल्हेड़ा बस स्टाप पर रोडवेज की एक बस सवारियां उतारने के लिए रूक गई और दूसरी दिशा से एक ट्रक आ गया, जिसके चलते सत्ते को अपनी कार मजबूरी में रोकनी पड़ी और गोलियां चलाते हुए उनका पीछा करने वाले उपरोक्त सभी बदमाशों ने गाड़ी में सवार चारों लोगों को गोलियों से छलनी कर दिया था।

चूंकि, मारुति एस.एक्स 4 में काली सैंट्रो कार की टक्कर भी मारी गई थी और उसके एक टायर में पंक्चर भी हो चुका था लिहाजा हत्यारों को मजबूरी में उस गाड़ी को छोड़कर भागना पड़ा था। सिंह ने बताया कि हत्याकांड के गिरफ्तार किए गए इस आरोपी से बारीकी से और भी पूछताछ की जा रही है और बाकी हत्यारों को दबोचने के लिए पुलिस की आठ टीमें उनके आदेशानुसार डीएसपी बहादुरगढ़ राजीव देसवाल की देखरेख में काम पर लगी हुई हैं।

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