अन्ना के अनशन पर संकट के बादल!

गौरतलब है कि मजबूत लोकपाल के पक्ष में और सरकारी लोकपाल बिल के खिलाफ टीम अन्ना का प्रस्तावित अनशन 16 अगस्त से जयप्रकाश नारायण पार्क में होने जा रहा है। जिसकी तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। पर लग रहा है कि इंद्रदेव भी टीम अन्ना से खुश नहीं हैं क्योंकि दिल्ली में एक हफ्ते से लगातार फुहारों वाली बारिश हो रही है। यानी जब चाहे तक सड़कें और आमलोगों का रास्ता यह रोक लेती हैं। चूंकि सरकार ने जयप्रकाश नारायण पार्क को अन्ना को अभी तक नहीं सौंपे हैं इसलिए अन्ना की टीम के पास इसके लड़ाई के अभी कारगर उपाय भी नहीं किए जा सके हैं जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि बारिश के कारण अन्ना के अनशन में व्यवधान आ सकता है। सूत्रों का कहना है कि इस अनशन के लिए देश भर से कम से कम पचास हजार लोग दिल्ली आ सकते हैं इसलिए उनके आने और रहने का पर्याप्त उपाय नहीं किए जा सके हैं इसलिए इस बार अनशन में व्यवधान निश्चित है।
सूत्रों ने बताया कि जय प्रकाश नारायण नेशनल पार्क पर सीपीडब्ल्यूडी का कब्जा है। उसने पार्क की बुकिंग को हरी झंडी देने से अभी हाथ खड़े कर रखे हैं। हालांकि उसने अन्ना को इसके लिए मना नहीं किया है। सीपीडब्ल्यूडी का कहना है कि अनशन के स्थान के बारे में वह अपने स्तर पर तय नहीं कर सकते, इसके लिए मंत्रालय से अंतिम फैसला मान्य होगा।
उधर, अन्ना की टीम के प्रमुख सदस्य अरविंद केजरीवाल अनशन स्थल की अंतिम इजाजत के लिए दिन भर सीपीडब्ल्यूडी और शहरी विकास मंत्रालय में चक्कर काटते रहे। वहां टीम अन्ना ने शहरी विकास मंत्री कार्यालय और विभाग के आला अफसरों को आवेदन दिया, मगर कहीं से कोई भरोसा नहीं मिला। टीम अन्ना के लिए सबसे बड़ी समस्या यह है कि शुक्रवार अनशन स्थल तय करने का आखिरी दिन है। शनिवार को रक्षाबंधन, फिर रविवार और सोमवार को 15 अगस्त के चलते अधिकांश सरकारी दफ्तरों में अवकाश रहेगा। इस सूरत में अन्ना को अनशन के लिए स्थान की घोषणा 16 अगस्त से पहले ही करनी होगी। अन्ना के निकटतम सहयोगी ने कहा कि यदि शुक्रवार तक सरकार ने स्थिति स्पष्ट नहीं की तो 16 तारीख के लिए लोगों से जंतर मंतर पर ही पहुंचने का आह्वान किया जाएगा। एक अन्य सहयोगी ने कहा कि सरकार जानबूझ कर उन्हें परेशान कर रही है। सरकार स्वीकृति नहीं भी देती है तो अनशन जरूर करेंगे।












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