अब खेलकूद पर आधारित होगी बच्चों की पढ़ाई

अगले शैक्षणिक सत्र से प्राथमिक स्कूलों में पढऩे वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई खेलकूद के आधार पर शुरू की जाएगी। इसके लिए सीबीएसई ने नया पैट्रन भी तैयार कर लिया है। खेल पर आधारित नई नीति को लागू करने की पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। सीबीएसई के सूत्रों की माने तो बोर्ड ने प्राथमिक स्कूलों में विद्यार्थियों की घटती संख्या को देखते हुए कई अहम कदम उठाए हैं। इसके लिए बोर्ड द्वारा एक समिति का गठन किया गया। समिति द्वारा तैयार रिपोर्ट में कई अहम तथ्य उभरकर सामने आए। जिसे देखते हुए बोर्ड ने अगले शैक्षणिक सत्र से प्राथमिक स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ खेल को भी शामिल करने की योजना तैयार की है।
योजना के अनुसार बोर्ड का मुख्य लक्ष्य राष्ट्रीय स्तर के खिलाडिय़ों की खोज करना है। साथ ही स्कूलों में खेलते-खेलते बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने की नीति की गई है। बोर्ड ने प्राथमिक स्कूलों के नियमों के लिए भी कई बदलाव किए हैं। नए सत्र से पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों की पढ़ाई खेलकूद के आधार पर निर्धारित की जाएगी। बच्चों में खेल के प्रति लगाव बढ़ाने और जज्बा पैदा करने के लिए यह बदलाव किया गया है।
बोर्ड ने एक और महत्वपूर्ण बदलाव खेल को ध्यान में रखकर ही किया है। बोर्ड के स्कूलों में परीक्षा में बैठने के लिए अनिवार्य की गई 75 प्रतिशत उपस्थिति को नए सत्र में कम कर 60 फीसदी किया गया है, ताकि विद्यार्थी खेल में भी समय दे सकें और बोर्ड के स्कूलों के छात्र भी राष्ट्रीय स्तर के निकल सकें। खेल को बढ़ावा देने के लिए बोर्ड हर संभव मदद करेगा। इसके लिए प्रधानाचार्यों से पूरा सहयोग लिया और दिया जाएगा। कक्षा नौ में बेहतर खिलाड़ी को दस नंबर अतिरिक्त दिए जाएंगे। जिन्हें उसके परीक्षाफल में शामिल किया जाएगा।
बोर्ड ने अपने नियमों में किए अहम बदलाव :जोशी
सीबीएसई के चेयरमैन विनीत जोशी का कहना है कि नए सत्र से बोर्ड ने अपने नियमों में कई अहम बदलाव किए हैं। उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्कूलों में राष्ट्रीय स्तर की प्रतिभाओं को निखारने के लिए ही पढ़ाई के साथ खेल को लागू किया है। नए सत्र से प्राथमिक स्कूलों में खेल पर आधारित पढ़ाई शुरू हो जाएगी, इसके लिए तैयारियां चल रही












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