स्पेक्ट्रम लाइसेंस पाने के लिए की स्वान की स्थापना :सीबीआई

कम्पनी के वकील ने कहा, "रिलायंस टेलीकॉम के खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं बनता है। स्पेक्ट्रम का आवंटन किए जाते समय स्वान टेलीकॉम में इसकी हिस्सेदारी सिर्फ 9.9 फीसदी थी।" उस समय कंपनी का नाम रिलायंस टेलीकॉम था जिसे बदलकर अब रिलायंस कम्युनिकेशंस कर दिया गया है। जबकि सीबीआई का कहना था कि रिलायंस टेलीकॉम ने स्पेक्ट्रम लाइसेंस हासिल करने के लिए स्वान की स्थापना की थी।












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