यूपी: लूटपाट गिरोह में बतौर कर्मचारी कार्य करते थे पुलिसकर्मी

शाहजहांपुर के कोतवाली थाने की पुलिस व एसओजी टीम को एक ऐसे गिरोह की तलाश थी जो लम्बे अर्र्सेसे इलाके में लूट की वारदातों को अंजाम दे रहा था। सूचना के बाद पुलिस टीम रोजा रेलवे ओवर ब्रिज के निकट घात लगाकर बैठी थी। उसी वक्त एक इनोवा कार उधर से गुजरी पुलिस ने कार को रोका लिया। पुलिस ने कार की तलाशी लेने का प्रयास किया तो कार में सवार लोगों ने इसका विरोध किया लेकिन जब पुलिस ने सख्ती की तो वह लोग तलाशी देने को तैयार हो गए।
तलाशी के दौरान पुलिस ने 9 एमएम की पिस्टल, 7 कारतूस बरामद किए। जब पुलिस ने असलहा बरादम किया तो वह लोग भागने का प्रयास करने लगे जिस पर पुलिस ने उन्हें धर दबोचा। कुछ ही देर में यह पता चला कि इनोवा गाड़ी भी चोरी की है। पुलिस ने कार पर सवार पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनकी पहचान बागपत निवासी पवन, बुलन्दशहर निवासी निशांत चौधरी, मेरठ निवासी राहुल उर्फ दीपक, राजन ठाकुर, बंदायू निवासी बन्टू ठाकुर उर्फ सूरजभान के रूप में की।
पुलिस के होश उस वक्त उड़ गए जब उन्हें पता चला कि लुटेरों की गैंग में पकड़े गए दो व्यक्ति पवन व निशांत चौधरी मेरठ जिले में आरक्षी के पद पर कार्यरत है। उनके पास सरकारी असलहा बरामद किया गया। दोनों पुलिसकर्मी वर्दी की आंड में साथियों के साथ मिलकर लूटपाट करते थे। पुलिस ने जब सख्ती से काम लिया तो यह हकीकत उजागर हुई कि दोनों को लूट के बाद बकायदा एक निर्धारित धनराशि दी जाती थी। गिरोह के सदस्यों ने बताया कि पुलिस कर्मियों को उन लोगों ने वेतन देकर नौकरी पर रखा हुआ था तथा जब भी लूट पर जाना होता था वह उन्हें साथ ले लेते थे।












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