दो भारतीय जवानों के सिर कलम कर ले गई 'ना-पाक' सेना

इस खबर को भारतीय सेना ने दबाये रखा और आनन-फानन में आकर दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस बात की खबर जवानों ने दबे शब्दों में दी है, लेकिन सेना ने अभी तक अधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ये दोनों जवान उत्तराखंड के रहने वाले थे। एक पिथैरागढ़ का और दूसरा हल्द्वानी का। दोनों के दाह संस्कार के दौरान मौजूद पुलिस के अधिकारी ने बताया कि शव ऐसी हालत में थे कि परिवार के सदस्यों को देखने की इजाजत नहीं दी गई। पुलिस के मुताबिक भारतीय सेना की ओर से मिले एक पत्र में कहा गया था कि गोलीबारी के दौरान दोनों के सिर धड़ से अलग हो गये।
सरहद पर स्थित फुरिकयान गली में 30 जुलाई को हुई घुसपैठ की कोशिशों के दौरान आतंकवादियों के पीछे पाकिस्तानी सेना के जवान भी थे। इन जवनों ने आतंकियों को सीमा पार कराने के लिए भारत से मुठभेड़ शुरू कर दी, ताकि वे आसानी से अंदर घुस सकें। लेकिन भारतीय सैनिकों ने बहादुरी का परिचय देते हुए मुठभेड़ को नाकाम कर दिया।
उधर नई दिल्ली स्थित रक्षा मंत्रालय के कार्यालय ने दोनों जवानों के सिर कलम किये जाने की खबर को सिरे से खारिज कर दिया है। एडिशनल डायरेक्टर जनरल (पब्लिक इंफॉरमेशन) मेजर जनरल संजीव मढोक ने कहा कि सिर कलम किये जाने की खबर पूरी तरह गलत है। उनका कहना है कि 31 जुलाई की रात मुठभेड़ इतनी तगड़ी थी कि दोनों जवानों के सिर पर गोलियां लगीं और सिर के चीथड़े उड़ गये।












Click it and Unblock the Notifications