प्रणव ने दिलाया भरोसा, लेकिन शेयर बाजार में खौफ

हालांकि वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने निवेशकों और कारोबारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि अमेरिकी सरकार की कर्ज साख रेटिंग कम होने का भारत पर कुछ असर तो होगा, लेकिन इसमें घबराने वाली कोई बात नहीं है, क्योंकि हमारी अर्थव्यवस्था की बुनियाद काफी मजबूत है। मुखर्जी ने कहा कि संकट है, लेकिन मैं बेवजह चिंतित नहीं होना चाहता, इसमें घबराने वाली कोई बात नहीं है।
उन्होंने कहा है कि भारत की विकास दर बरकरार रहेगी और मौजूदा वैश्विकस्थिति के बावजूद देश आर्थिक वृद्धि को हासिल करने में कामयाब रहेगा। वित्तीय विश्लेषक कंपनी स्टैंडर्ड एंड पुअर्स के अमेरिका को सबसे विश्वसनीय कर्जदार की श्रेणी (एएए) से एक पायदान नीचे (एए) गिराने के बाद वैश्विक निवेश के लिहाज से चल रही अटकलों के बीच प्रणब ने कहा कि बाहरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाली नकारात्मक आंधी के सामने हमारे बाजार घुटने नहीं टेकेंगे।
भारतीय उद्योग जगत के 'कप्तानों" को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि बाहरी दुनिया में छाई आर्थिक अनिश्चितता के वातावरण से लगता है कि भारतीय निवेश का माहौल बाहर से बहुत बेहतर है। अमेरिका की के्रडिट रेटिंग उसी की एक वित्तीय संस्था की तरफ से कम किए जाने के बाद यह आशंका तो पनप ही रही है कि वाशिंगटन को निवेशक अब उतना सुरक्षित ठिकाना नहीं मानेंगे।
मुखर्जी ने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की एक बैठक में कहा कि कुछ समस्याएं हैं और कुछ संकट भी है । हालांकि चीन ने अमेरिका के बुरे हाल पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। चीन का मानना है अगर अमेरिका अपना रक्षा बजट कम नहीं करता है तो अमेरिका को और भी बुरे दिन देखने पड़ेंगे।
बंबई शेयर बाजार में शुक्रवार को आखिरी समय में काफी सुधार आया था। शुरुआत पर पैनिक के बाद आखिरी सत्र में बाजार से भय का वातावरण कम हो गया था लेकिन अमेरिका की क्रेडिट रेटिंग गिरने और मंदी की आशंका में दुनियाभर के शेयर बाजारों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। और अब सोमवार को एक बार फिर बाजार गिरने की आशंका बनी रहेगी। सोमवार को जब बाजार खुलेगा तो जाहिर है भय का वातावरण रहेगा। अब देखना है यह भय कितना खतरनाक साबित होता है।












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