बांध टूटने के लिए सपा और बसपा जिम्मेदार: भाजपा

पाठक का कहना है कि घाघरा की धारा के बीच तटबंध क्यों बनाया गया इसकी जांच की जानी चाहिए। श्री पाठक ने बाढ़ पीडितों की दुर्दशा के लिए पूर्ववर्ती सपा सरकार को दोषी ठहराते हुए कहा कि सपा सरकार के समय में बनने वाले चरसडी बांध के निर्माण में गोरखधंधा किया गया। उन्होंने कहा कि चरसडी तटबंध के निर्माण के लिए गठित की गई समिति ने जो स्थान तय किया था उस स्थान पर बांध नहीं बनाया गया सरकार के कद्दावर मंत्री के हस्तक्षेप के बाद प्रस्तावित स्थल के बजाय नदी की तरफ दो से ढाई किलोमीटर अन्दर की ओर बांध बना दिया गया।
उन्होंने कहा कि सच तो यह है कि सपा सरकार में प्रभावशाली रहे एक मंत्री ने एक भूमि के एक बड़े हिस्से को बचाने के लिए हजारों नागरिकों को मौत के मुंह में धकेल दिया। उन्होंने कहा कि तटबंध के निर्माण में न सिर्फ मानकों की अनदेखी की गई बल्कि बाढ से सुरक्षा के नाम पर सपा सरकार ने सरकारी धन की भी हेराफेरी की। श्री पाठक ने कहा कि अपनी पूर्ववर्ती सरकार के नक्शेकदम पर चलते हुए मौजूदा बसपा सरकार के ङ्क्षसचाई मंत्री ने भी चरसडी बांध को सिर्फ आय के एक स्रोत के रूप में देखा। यही कारण रहा कि 14 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुए चरसडी तटबंध के अनुरक्षण के नाम पर जो रकम खर्र्च हुई वह निर्माण लागत से कई गुना अधिक है। बावजूद इसके न तो कोई मरम्मत हुई और न ही किसी अधिकारी ने इसे देखने की ही जहमत उठायी।
उन्होंने मुख्यमंत्री पर चरसडी तटबंध के बाढ़ पीडितों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि बेहतर होता मुख्यमंत्री स्वयं बाढ़ प्रभावित इलाको का दौरा कर वहां के हालात का जायजा लेती। प्रवक्ता ने कहा इस बात की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए कि आखिर किन लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए चरसडी तटबंध का निर्माण स्थल बदला और इसके लिए कौन दोषी है। साथ ही अनुरक्षण आदि के नाम पर करोडों रुपये खर्च होने के बावजूद बांध क्यों टूट गया।












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