इलाहाबाद के अस्पताल में भर्ती मरीजों को जंगल में फेंका

इलाहाबाद मेडिकल कालेज में पिछले सात दिनों से दो लावारिस मरीजों का इलाज चल रहा था। मानसिक रूप से कमजोर तथा पीलिया से पीडि़त मरीजों की हालत में कोई खास सुधार नहीं हो रहा था। इसी बीच दोनों मरीजों को गुपचुप ढंग से पास के जंगल में ले जाकर फेंक दिया गया। मेडिकल कालेज की एम्बुलेंस द्वारा किए गए इस कार्य को जगंल के पास गुजर रहे कुछ लोगों ने देख लिया। लोगों ने तत्काल इसकी जानकारी पुलिस को दी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब देखा की दो जिंदा मरीज जंगल में फेंक दिए गये हैं। पुलिस ने दोनों मरीजों को वापस चिकित्सालय भेजने की व्यवस्था की तथा मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य को इसकी जानकारी दी। जब एम्बुलेंस व मामले की छानबीन की गयी तो पता चला कि धमेन्द्र नाम का वार्ड ब्वाय मरीजों को जंगल ले गया था। धमेन्द्र को पकड़ा गया तथा उससे पूछताछ की गयी तो उसने बताया कि सोनू शर्मा नाम के रेजीडेंट चिकित्सक ने उसे आदेश दिया था कि वह लावारिस मरीजों को जंगल में ले जाकर फेंक दे।
आदेश मिलने पर उसने वैसा ही किया। फिलहाल चिकित्सालय प्रशासन ने आरोपी वार्ड ब्वाय को निलम्बित कर दिया जबकि डा. शर्मा पर लगे आरोपों की जांच के आदेश दे दिए। वार्ड ब्वाय को निलम्बित किए जाए से गुस्साए अन्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी। कामकाज बंद करने वाले कर्मचारियों का कहना था कि धमेन्द्र ने अपनी मर्जी से कुछ नहीं किया उसे डा. सोनू ने ऐसा करने का आदेश दिया था अत: डाक्टर के खिलाफ कार्यवाही की जाए।












Click it and Unblock the Notifications