रमज़ान पाक में पढ़ें तराबी
तराबी की नमाज दो-दो रिकात 20 रिकात पढ़ी जाती है, जो लगातार 1 माह तक चलती रहती है। इस नमाज में रोजा रखने या ना रखने वाले बच्चे, बू़ढ़े और नौजवान मस्जिदों में उपस्थित होकर तराबी पढ़ते हैं। इस्लाम के पांचवें स्तंभ में से एक रमजानुल मुबारक की फजीलत में बयान किया है कि एक नेकी के बदले 70 गुना नेकी का शबाब माह-ए-रमजान में मिलता है।
इसी तरह कलामें पाक की एक हर्फ पढ़ने वाले और सुनने वालों को 70 गुना हर्फ पढ़ने और सुनने का शबाब मिलता है, जिसको हासिल करने के लिए मर्द मोमिन नौजवान और बच्चे मस्जिदों में ईसा की नमाज में जम जाते हैं। वहीं औरते तराबी की नमाज को अपने घरों में अदा करती हैं।
नमाज अदायगी की सबसे अधिक फजीलहत मस्जिद में अदा करने की होती है और जब कोई नमाजी नमाज पढ़ने के लिए घर से निकलता है तो मस्जिद पहुंचने तक हर कदम पर उसको नेकी का शवाब लिखा जाता है। पूरे रमजान अल्लाह के बंदे सच्चे दिल से अल्लाह की इबादत करते हैं और इसके साथ वह सारे गलत कामों से परहेज करते हैं। इन कामों का प्रतिफल अल्लाह तआला हर्स के मैदान में अपने बंदों को देगा।
तराबी: रमजान के पाक महीने के दौरान तराबी की नमाज एशा के बाद पढ़ी जाती है। यह नमाज की पांचों नमाज के बाद पढ़ी जाती है। इस नमाज में कुरान को पूरा पढ़ा जाता है। तराबी में कुरान को 1 दिन से लेकर 1 महीने तक पूरा पढ़ा जा सकता है।













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