भूमि अधिग्रहण मामले पर हरियाणा सरकार को हाईकोर्ट की फटकार

बता दें कि हरियाणा सरकार की तरफ से मंगलवार को पत्रकार वार्ता बुलाई गई थी, जिसे एडिशनल एडवोकेट जनरल नरेंद्र हुडा ने संबोधित किया था। खंडपीठ ने हरियाणा सरकार के एडवोकेट जनरल को कहा कि लॉ अफसर को पत्रकारवार्ता को संबोधित नहीं करना चाहिए। बुधवार को मामले से जुड़ी दो अन्य याचिकाएं वापस ले ली गईं।
इस मामले में कुल 70 याचिकाओं में से 58 ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से याचिकाएं वापस ले ली हैं। खंडपीठ ने इन सभी याचियों को छह सितंबर को सरकार द्वारा गठित हाई लेवल कमेटी के समक्ष अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पेंटर अंजोलि इला मेनन समेत कुल 12 याचिकाओं ने अदालत में सुनवाई जारी रखने का फैसला लिया है। इन मामलों पर सोमवार को सुनवाई होगी।
याचिकाओं में कहा गया कि भूमि अधिग्रहण के समय सरकार ने अपनी तीस सितंबर 2007 व 26 अक्टूबर 2007 की उन पालिसी की अनदेखी की जिसमें कहा गया था कि भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना से पहले के निर्माणाधीन मकानों को अधिग्रहण प्रक्रिया से छूट दी जाएगी। कहा गया कि सरकार प्राइवेट बिल्डर्स को भी लाभ पहुंचा रही है। कई प्रभावशाली लोगों की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया से बाहर रखी गई। इनमें राजीव गांधी ट्रस्ट भी शामिल है।
उधर उल्लावास में राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट को जमीन देने के खिलाफ ग्रामीणों ने पंचायत की। पंचायत में जमीन वापस लेने के लिए तत्कालीन डीसीऔर सरकार के खिलाफ कोर्ट में जाने का निर्णय लिया गया। जमीन की कीमत 10-15 करोड़ रुपए प्रति एकड़ है। ट्रस्ट को यह प्रति एकड़ तीन लाख रुपए के वार्षिक मूल्य पर लीज पर दी है।












Click it and Unblock the Notifications