हरियाणा के बहादुरगढ़ में दिन दहाड़े चार युवकों को गोली से उड़ाया

हमलावरों की संख्या दस से ज्यादा बताई जा रही है, जोकि मांडौठी गांव के ही हैं। बताया जा रहा है कि इस हत्याकांड की वजह 19 साल पहले सन 1992 के पंचायती चुनाव के दौरान पनपी पुरानी रंजिश बताई जा रही है। मांडौठी गांव का सुनील अपने रिश्तेदार संदीप व साथी सतपाल और पेलपा गांव के रहने वाले सोनू के साथ झज्जर कोर्ट से वापस कार से बहादुरगढ़ आ रहा था, उनके साथ एक एसआई सतवीर दहिया भी था। वह अपने वकील से कानूनी सलाह मशविरा लेने वहां गया था।
दुल्हेड़ा गांव के प्रवेश मार्ग पर एक कार ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी। इसके बाद टक्कर मारने वाली दो कारों से दस से ज्यादा हमलावर नीचे उतरे और चारों तरफ से गोलियों की बौछार कर दी। कुछ राउंड गोलियां चलाने के बाद हमलावरों ने गाड़ी में पुलिस की वर्दी में बैठे है एसआई सतवीर दहिया वहां से भाग जाने को कहा। इसके बाद हमलावरों ने फायरिंग शुरू कर दी और चारों को मौत के घाट उतार दिया।












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