एनएचआरएम घोटाला करने वाले डीजी की पेंशन पर रोक

पूर्व चिकित्सा महानिदेशक डा. एसपी राम ने सरकार से अपील की कि उनकी जान को खतरा है उन्हें पर्याप्त सुरक्षा मुहैया करायी जाए। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य के आरोपियों में से एक जिन्होंने अपने हितों को पूरा करने के लिए नियम कानून को ताख पर रख दिया। डा.राम पर आरोप है कि उन्होंने पद का दुरपयोग करते हुए ऐसे कार्यों को किया जो उनके अधिकार क्षेत्र में ही नहीं थे। उन्होंने नियमों की अनदेखी कर पांच करोड़ रुपये की दवा की खरीद कर डाली। जबकि दो अन्य आरोपी श्रीमती नारायण व श्री बंसवाल ने भी जमकर भ्रष्टाचार फैलाया।
डा. राम के खिलाफ चार्जशीट दायर करते वक्त जांच अधिकारियों ने कहा कि था कि यह एनआरएचएम घोटाले की एक कड़ी है इन लोगों से पूछताछ से कई ऐसे तथ्य उभरकर कर सामने आएंगे जिससे घोटाले में शामिल और लोग भी जांच के दायरे में आ जांएगे। घोटाले में फंसे पूर्व डीजी हेल्थ ने कहा कि उनकी जान का खतरा है उन्हें सुरक्षा मुहैया करायी जाए।
डा. राम का सुरक्षा की मांग करना यह साबित करता है कि वे इस पूरे घोटाले में पूरी तरह से लिप्त हैं और अब उन्हें इस बात का डर सताने लगा है कि कहीं ऐसा न हो कि घोटाले में शामिल बड़े लोग व उनके अन्य सहयोगी खुद के फंसने के डर से उनकी हत्या करवा सकते हैं। उधर दो अन्य अधिकारी ऊषा नारायण व राजीव बंसवाल खुद को बचाने के लिए सिफारिशों में जुट गए हैं जबकि जांच अधिकारी दोनों के निलम्बित की तैयारियों में लगे हैं ताकि दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्र्ज कर हिरासत में लिया जा सके। दोनों अधिकारियों से पूछताछ में कई अन्य जानकारियां मिलने की उम्मीद जतायी जा रही है।












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