मुंबई क्राम ब्रांच ने स्पीक ऐशिया के सीओओ को इंदौर से किया गिरफ्तार

सिंघापुर की सर्वे कराने वाली इस कंपनी को भारत में अभी भी कंपनी के रूप में मान्यता नहीं मिल पाई थी। स्पीक एशिया पर अब कंपनी एक्ट की धारा 591 के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। इस धारा के तहत उन कंपनियों पर मुकदमा चलाया जाता है जो भारत से बाहर की होती हैं पर बिना रजिस्ट्रेशन के देश के अंदर अपना बिजनेस चलाती हैं।
स्पीक एशिया के साथ जुड़ने के लिए 11000 रुपए देने होते थे। इसके बाद 1 साल के लिए कंपनी की सदस्यता मिल जाती थी। इसके बाद सदस्यों को कंपनी के लिए सर्वे करना होता था। सदस्यों को यह सर्वे करने के लिए पैसे मिलते थे। एक सर्वे के लिए कंपनी हर सदस्य को 500 रुपए देती थी। इसके अलावा अपने साथ सदस्यों को जोड़ने पर कमीशन भी मिलता था।
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