मुलायम चाहें तो भी रालोद उन्हें शामिल न करे: अजित

मुलायम और अजित सिंह के बीच यह तनातनी मुलायम के उस बयान पर है, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के समाजवादी पार्टी में विलय की बात कही थी।
रालोद अध्यक्ष ने मुलायम सिंह यादव के बयान को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि यदि श्री यादव उनकी पार्टी में आना भी चाहें तो भी उन्हें शामिल नहीं किया जायेगा। श्री सिंह ने कहा कि रालोद ने सपा के सामने कभी भी आने वाले विधानसभा चुनाव में गठबंधन का प्रस्ताव नहीं रखा। उनका सिर्फ यही कहना था कि रालोद, बसपा और भाजपा को छोड़ किसी भी दल से गठबंधन कर सकती है।
उन्होंने सवाल किया कि मुलायम सिंह रालोद में उनकी पार्टी के विलय के बारे में सोच भी कैसे सकते हैं। मुलायम पर बिफरते हुए उन्होंनेे कहा कि यदि श्री यादव कभी रालोद में आना चाहें भी तो उन्हें शामिल नहीं किया जायेगा। सपा मुखिया पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि सपा अध्यक्ष ने हमेशा नकारात्मक वोट की राजनीति की है और अब भी वैसा ही कर रहे हैं।
श्री यादव खुद को राम मनोहर लोहिया और चौधरी चरण सिंह का अनुयायी कहते हैं जबकि वह उनके सिद्धांतों को पीछे छोड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि वह सपा अध्यक्ष द्वारा भाजपा को कांग्रेस से बेहतर बताने के बयान से सहमत नहीं हंै। उन्होंने कहा कि श्री यादव को चुनाव जीतने की चिंता सता रही है। अजित ने साफ किया कि रालोद अकेले ही चुनाव की तैयारी कर रही है। उनका दावा है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बसपा का विकल्प केवल रालोद ही है।
नोएडा और ग्रेटर नोयडा में जमीन की समस्या बसपा की ही देन है। जनता बसपा को उसके गलत कार्यों की सजा जरूर देगी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने मकान के लिए बिल्डरों को मकान बुक कराने के लिए धन दिया है वह जल्द वापस मिलने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले बिल्डरों ने जितना पैसा नोएडा प्राधिकरण को दिया उतना ही पया मुख्यमंत्री को भी दिया है।












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