दिल्‍ली: नोएडा एक्सटेंशन में बैंकों का 1200 करोड़ रुपये फंसे

Delhi: Banks' exposure in Noida Extn up to Rs 1200 cr
दिल्ली। नोएडा एक्सटेंशन को सिंगापुर की तर्ज पर बसाने का सपना पाले नोएडा अथारिटी को हाईकोर्ट के फैसले के बाद भले ही झटका लगा हो पर इससे बैंकों के विश्वास की भी कम हत्या नहीं हुई है। हालांकि इस बाबत कोई भी बैंक मुंह खोलने के लिए तैयार नहीं है कि उनका नोएडा एक्सटेंशन में कितना पैसा लगा है पर आंकड़े बताते हैं कि बैंकों का भी करीब 1200 करोड़ रुपये इस प्रोजेक्ट में फंस गया है। अब बैंक भी मनाने लगे हैं कि कैसे भी हो जल्द से जल्द इस मामले का समाधान हो जिससे उनका घाटा और संकट दूर हो सके।

नोएडा एक्सटेंशन में करीब 1.5 लाख लोगों को घर मुहैया कराने के लिए ग्रेटर नोएडा अथारिटी प्रयास रत थी पर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने उसके मंसूबे पर पानी फेर दिया है। अब उसकी पहली कोशिश है कि इस विकट परिस्थिति से कैसे बाहर निकला जाए।

सूत्र बता रहें हैं कि जितना परेशान ग्रेटर नोएडा अथारिटी है उससे कहीं ज्यादा परेशान बिल्डर और निवेशक है पर इन तीनों से कम परेशान बैंक नहीं है जो तिहरे लोन के बाद अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं। एसबीआई के एक अधिकारी ने दैट्स हिंदी को बताया कि बैंकों ने तीन तरह से लोन दिया था। इसलिए बैंक अपने को ज्यादा फंसा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले हम लोगों ने अथारिटी को लोन दिया फिर बिल्डर और उसके बाद निवेशकों को। यानी एक ही प्रापर्टी पर तीन तीन बार लोन। जिससे बैंक परेशान हैं।

हालांकि उन्होंने एक राहत देने वाली बात यह कही कि हम लोग इस मुद्दे पर नजर बनाए हुए हैं और स्थिति साफ होने का इंतजार कर रहे हैं। उसके बाद ही कर्ज वापसी के लिए ग्राहकों पर जोर डालेंगे। इन परियोजनाओं में सबसे ज्यादा पैसा भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, बैंक आफ महाराष्ट्र, कारपोरेशन बैंक और आईसीआईसीआई बैंक का लगा है।

बैंकों का कहना कि बैंकिंग क्षेत्र में पहली बार इस तरह के हालात उत्पन्न हुए हैं। बैंकों ने इन परियोजनाओं को दुरुस्त पाए जाने पर ही होम लोन को मंजूरी दी। हालांकि सहबेरी गांव का फैसला आने के बाद बैंकों ने लोन देना बंद कर दिया है। बैंकों का कहना है कि अब कर्ज देना न बैंक के हित में है और न ही ग्राहकों के। अभी बैंक देख रहे हैं कि सरकार और बिल्डर किस तरह से मामला निपटाते हैं। उसके बाद ही वे आगे अपना कदम तय करेंगे।

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