सीबीआई का शिकंजा कसा पुलिस मुखिया से मिलने पहुंचे सांसद

Uttar Pradesh: BSP MP reached police head quarter to meet DGP
लखनऊ। सीबीआई का शिंकजा सरकार पर कसता जा रहा है। सीबीआई को मिल रहे सबूत प्रदेश के एक कद्दावर सांसद की ओर ले जा रहे हैं। सीबीआई एक-एक सबूत जोड़कर उपरोक्त सांसद की ओर बढ़ रही है। सीबीआई के बढ़ते कदमों से सिर्फ प्रदेश सरकार में ही बेचैनी नहीं है बल्कि पुलिस महकमा भी खौफ में हैं। पुलिस को डर सता रहा है कि यदि सीबीआई पुख्ता सबूत जुटाने में कामयाब हो गयी तो कइयों को जेल जाना होगा तो कई ऐसे भी होंगे जिन्हें अपनी बड़ी-बड़ी सरकारी कुर्सियां छोडऩी होंगी।

इसी को देखते हुए पुलिस मुखिया कार्यालय पर सांसद का काफिला दो घंटे तक रहा। कार्यालय के भीतर हुई द्विपक्षीय वार्ता में किन-किन बातों पर चर्चा की गयी यह तो किसी को पता नहीं लगा लेकिन बदलते समीकरणों से पता चल रहा है कि अब सभी बचाव की मुद्रा में हैं। डा. सचान की हत्या से पूर्व सांसद का काफिला जेल में रहा। सांसद जेल के भीतर गए उनकी किससे वार्ता हुई यह बताने को कोई तैयार नहीं है। घटना के चश्मदीद अधिकारी सीबीआर्ई तक से सच छिपाने में जुटे हैं।

सूत्रों से मिल रही सूचनाओं से पता चला है कि सीबीआर्ई अधिकारियों को ऐसे सबूत मिल रहे हैं जिससे डिप्टी सीएमओ डा. सचान के हत्यारे की तस्वीर साफ होती जा रही है। प्रदेश के पुलिस मुखिया कार्यालय पर खड़ा सांसद का काफिला यह बताने के लिए काफी था कि सीबीआई का शिकंजा किस प्रकार बढ़ रहा है। सांसद का काफिला दो घंटे से भी अधिक समय तक पुलिस मुखिया कार्यालय के बाहर खड़ा रहा है जबकि सांसद महोदय पुलिस मुखिया से भीतर वार्ता करते रहे। भीतर चल रही द्विपक्षीय वार्ता में किसी और को शामिल होने की इजाजत नहीं दी गयी थी।

कहा जा रहा है कि पुलिस अब बचाव की मुद्रा में है और वह सांसद को बचाने के साथ पुलिस के कई अधिकारियों की वर्दी पर पड़ी डा. सचान की खून की छीटों को भी साफ करना चाहती है। यह कार्र्य किस प्रकार हो इसे लेकर मंथन हो रहा है। यूपी पुलिस को यह डर सता रहा है कि यदि सीबीआई पुख्ता सबूत जुटाने में कामयाब हुई और हत्या में बड़ों के नाम आ गए तो पता नहीं कितनों की नौकरियां जाएंगी, किसे जेल की हवा खानी होगी।

गौरतलब है कि विपक्षी राजनैतिक दल तो पहले से ही डा. सचान हत्याकाण्ड में सरकार के करीबियों के नाम ले रहे थे लेकिन यदि सीबीआई ने इस हत्याकाण्ड का खुलासा कर दिया तो उनके आरोप सही साबित हो सकते हैं। प्रदेश सरकार सीधे तौर पर जांच में कोई हस्तक्षेप कर भी नहीं सकती क्योंकि गेंद इस वक्त केन्द्र के पाले में है और कांग्रेस पीडि़त परिवार को आश्वासन दे ही चुकी है कि मामले की जांच होगी तथा दोषियों को सजा दिलायी जाएगी। इस पूरे प्रकरण में जिस प्रकार सरकार में खलबली मची है उससे यह जरूर साफ हो गया है कि सीबीआर्ई जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है और जल्द ही उन चेहरों पर नकाब उतर जाएगा जिन्होंने प्रदेश में हाईप्रोफाइल सीरियल हत्याकाण्ड का अंजाम दिया।।

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