दिल्ली बना देह व्यापार का स्टॉक एक्सचेंज

चलते-चलते बात करें तो सोनू पंजाबन और नगमा इस बात की सबसे बड़ी उदाहरण है और इस धंधे की सबसे मजबूत कड़ी भी। बीते 13 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने महरौली इलाके से एक हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट का खुलासा किया था। पुलिस ने जब इस रैकेट का खुलासा किया तो पुलिस का मानना था कि यह अबतक की सबसे बड़ी सेक्स रैकेट है। मगर उसके महज एक हफ्ते बाद ही दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने साउथ एक्सटेंशन से टॉप हॉट नाम से चल रहे सेक्स रैकट का भंडाफोड़ कर 6 विदेशी बालाओं को गिरफ्तार किया। इन बालाओं की सैलरी 1 लाख रुपये थी।
अब अगर बात पीछले दस सालों की करें तो राजधानी में किरण नाम के सेक्स रैकेट के सरगना ने पांव फैलाए हुए था। इसके बाद अनिल शेरा नाम उभरा, जिसके बाद कमलजीत ने कई सालों तक इस धंधे पर अपना सिक्का चलाया। ग्रेटर कैलाश में रहने वाले कमलजीत के बारे में कहा जाता है कि वह देश के सबसे बड़े सेक्स रैकेट गिरोह का सरगना था। उसके गिरोह में हजार से अधिक लड़कियां होती थीं। लेकिन पुलिस का दबाव बढ़ने पर वह दिल्ली छोड़कर भागता रहा।
थक-हार कर आखिरकार कई सालों पहले उसने अपना धंधा बंद कर दिया। इसके बाद चर्चित हुई सोनू पंजाबन। उसकी खासियत यह रही कि गत आठ सालों में उसने किसी प्रतिद्वंदी गिरोह को दिल्ली में पैर नहीं जमाने दिए। सूत्रों की मानें तो कुछ वर्ष पूर्व राजीव रंजन उर्फ इच्छाधारी बाबा ने जब दिल्ली में अपना पैर पसारना चाहा, तो सोनू ने उसे पकड़वा दिया। बाबा के रैकेट में भी हाई प्रोफाइल युवतियां, मॉडल, एयर होस्टेस व नामी कालेजों की लड़कियां थी। बाद में पुलिस ने सोनू पंजाबन पर भी मकोका लगाकर उसे तिहाड़ में बंद कर दिया।
अब ऐसे में सिर्फ यह सवाल पैदा होता है कि जिस्म के सौदागरों का साफ्ट टॉरगेट दिल्ली ही क्यों? क्या दिल्ली में रहकर पूरे देश में जिस्म का कारोबार करना आसान है? या फिर मेन ऑफिस के रूप में दिल्ली और कॉरपोरेट ऑफिस के रूप में देश के कोने कोने में गंदगी फैलाना सरगनाओं को ज्यादा आसान लगता है? आपके क्या राय है हमे जरुर बताईएगा। अपनी राय नीचे दिये गये कंमेंट बाक्स में लिखें। कमेंट बाक्स में अपनी राय दर्ज कराने के लिये अपने फेसबुक, जीमेल या फिर ट्विटर एकाउंट से लॉग इन करें।












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