उत्‍तर प्रदेश में नदियां उफान पर, बाढ़ का खतरा बढ़ा

Flood
लखनऊ। प्रदेश में पिछले कई दिनों से हो रही बारिश तबाही का संकेत देने लगी हैं। प्रदेश की प्रमुख नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं। इन नदियों का जलस्तर बढऩे से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। लगातार बरसात से प्रदेश के विभिन्न जिलों में नदियां उफान पर हैं। शारदा नदी ने लखीमपुरखीरी के पलियाकलां में तथा सरयू नदी ने अयोध्या, गोंडा और बाराबंकी में खतरे का निशान पार कर लिया है।

केन्द्रीय जल आयोग की रिपोर्ट भी खतरे की पुष्टि कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार शारदा नदी पलियाकलां में खतरे के निशान से 28 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। सीतापुर में चौका नदी भी खतरे के निशान से दस सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। गंगा, गोमती, यमुना और अन्य नदियों के भी बढऩे का क्रम जारी है।

नदियों के बढऩे और बाढ़ के खतरे को देखते हुये प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है। बरसात के साथ-साथ नेपाल से एक लाख 74 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से गोंडा में एलगिन ब्रिज पर घाघरा और अयोध्या में सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है, इससे कर्नलगंज और तरबगंज तहसील में नदियों के तटवर्ती इलाके के 25 गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है।

गोंडा से मिली रिपोर्ट के अनुसार बाढ़ से घिरे गांव के लोग मवेशियों के साथ सुरक्षित जगहों पर जा रहे हैं। बाढ़ की स्थिति को देखते हुये राहत और बचाव कार्य के लिये जिले के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश भी रद्द कर दिये गये हैं। राहत और बचाव कार्य के लिये धनराशि भी अवमुक्त कर दी गयी है। कर्नलगंज और तरबगंज जहां बाढ़ का खतरा अधिक है वहां के लिये दस-दस लाख रूपये जारी कर दिये गये हैं।

बाढ़ से निपटने के लिये पीएसी की नाव, बाढ़ चौकी, शरणालयों, पशुचिकित्सकों, स्वास्थ्य कॢमयों और आपदा प्रबन्धन को सक्रिय कर दिया गया है। बाढ राहत और खाद्यान्न वितरण की टीम भी बना ली गयी है। राजस्वकॢमयों और ग्राम प्रधानों को सचेत रहने के निर्देश दिये गये हैं। बहराइच के कैसरगंज और महसी तहसील के 36 गांव बाढ़ के पानी से घिर गये हैं। बाराबंकी के चार तहसीलों के सैंकड़ों गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। धार्मिक नगरी वाराणसी में गंगा का जलस्तर फिर बढऩे लगा है। पिछले दो दिन से वृद्धि जारी है और इसमें करीब दो फीट पानी ऊपर चढ चुका है।

गंगा में पानी बढऩे से गंगा नदी के किनारे व्यवसाय करने वालों और पण्डा पुरोहितों में बेचैनी पैदा हो गयी है। तेज बहाव के कारण जिला प्रशासन पहले ही नावों के संचालन पर रोक लगा चुका है। मौसम विभाग ने फिलहाल अभी मानसून सक्रिय रहने के संकेत दिये हैं, जिस कारण इन नदियों के जलस्तर में अभी और इजाफा होगा।

पूरे राज्य में दक्षिण पश्चिम मानसून सक्रिय है। पिछले चौबीस घंटे में अकबरपुर में दस, गोंडा में नौ, कासगंज में आठ, कैसरगंज और कत्‍याघाट, बरेली और तरबगंज में सात-सात और धौरहरा, शारदानगर, नीमसार, बांदा, डलमऊ में छह-छह सेंटीमीटर बरसात हुई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अगले चौबीस घंटे में तेज बरसात की चेतावनी दी गयी है।

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