जमीन घोटालों में विपक्ष ने नीतीश सरकार को घेरा

विधानसभा के दोनों सदनों में हंगामें को देखकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मामले की जाचं बिहार सरकार के मुख्य सचिप से कराने के आदेश दिए हैं। उन्होंने जल्द से जल्द इस मामले की रिपोर्ट पेश करने के भी आदेश दिए हैं। इससे पहले विपक्ष ने मिलकर हमला बोलते हुए नीतीश कुमार से तुरंत मुख्यमंत्री का पद छोड़ने की मांग की थी। राम विलास पासवान ने कहा कि वे मामले की जांच कराने के लिए राष्ट्रपति से भी मिलेंगे।
बिहार में औद्योगिक जरूरतों के लिए भूमि का आवंटन किया गया था। इस जमीन के आवंटन में सरकार द्वारा पक्षपात और अपने करीबियों को गलत तरीके से जमीन देने का आरोप विपक्ष ने सरकार पर लगाया है। इसमें महंगी जमीनों को कौडि़यों के भाव बेचने का आरोप सरकार पर लगा है। इस आवंटन में जिनको गलत तरीके से जमीन देने का मामला सामने आया है उनमें राज्य के मानव संसाधन मंत्री पीके साही की बेटी, समाज कल्याण मंत्री परवीन अमानुल्लाह की बेटी, सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड के सांसद जगदीश शर्मा के बेटे और कई अधिकारियों और नेताओं को गलत तरीके से जमीन देने का मामला सामने आया है।
जिन लोगों को इस आवंटन में जमीन मिली है वे इसे नियमों के मुताबिक हुआ आवंटन बता रहे हैं। राज्य से भ्रष्टाचार को बाहर करने का दावा करने वाले नीतीश कुमार इस भूमि आवंटन में घोटाले का मामला सामने आने पर विपक्ष के निशाने पर हैं। उन्होंने अभी पूरे मामले पर सीधे तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।












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