पहले जलाया फिर आरी से काट दिया दामाद को

आरोपी को आज अदालत में पेश करके दो दिन का पुलिस रिमांड लिया गया है। मामले की जांच कर रहे जमाल चौकी प्रभारी मक्खन सिंह ने बताया कि विनोद का विवाह सात माह पहले बरूवाली निवासी ओमप्रकाश की बेटी रेखा के साथ हुआ था। पांच माह से रेखा विनोद से अलग बरूवाली में ही रह रही है। आरोप है कि विनोद रेखा को तंग करता था।
14 जुलाई की रात विनोद रेखा से मिलने के लिए बरूवाली गया था। रात साढ़े ग्यारह बजे विनोद जब गेट फांदकर ओमप्रकाश के घर में घुसा तो ओमप्रकाश की नींद खुद गई। आरोप है कि ओमप्रकाश ने पूछा कौन है, तो विनोद ने गाली दी। इसी बात पर ओमप्रकाश ने विनोद के सिर पर लाठी से हमला कर दिया जिससे विनोद की मौत हो गई। हत्या का सबूत मिटाने के लिए ओमप्रकाश ने शव को जला दिया मगर शव पूरा नहीं जला। ओमप्रकाश ने शव को गांव के बाहर फेंकने का प्लान बनाया मगर वह अकेला शव को नहीं उठा पाया। आरोपी ने शव को हल्का करने के लिए घर में रखी आरी से छह टुकड़ों में अलग-अलग काटकर जीप में डाला तथा गांव जमाल के पास सेम नाले में डाल दिया।
भाई ने ससुर के दबाव में नहीं की पहचान जमाल के पास सेम नाले में मिले शव की पहचान कराने के लिए पुलिस ने आसपास के गांवों के लोगों को बुलाया था। गांव रामपुरा ढिल्लो निवासी प्रताप ने शव की पहचान विनोद कुमार निवासी पदमपुरा के रूप में कर ली थी। प्रताप ने बताया था कि मृतक उसका भांजा विनोद है और वह रामपुरा ढिल्लो में ही रहता था। पुलिस ने पदमपुरा से विनोद के भाई नत्थूराम को पहचान के लिए बुलाया था मगर नत्थूराम ने पहचान से इनकार कर दिया था। बाद में पता चला कि नत्थूराम ने अपने ससुर के दबाव में शव की पहचान नहीं की थी क्योंकि नत्थूराम भी बरूवाली में ओमप्रकाश की बेटी के साथ विवाहित है।












Click it and Unblock the Notifications