मुंबई धमाकों में हुआ मासूम बच्चों का इस्तेमाल!

आपको बताते चलें कि इस संबंध में मीडिया के जानकारों का कहना है कि इंडियन मुजाहिद्दीन का सलमान नामक आतंकवादी को वर्ष 2010 में गिरफ्तार किया गया था। सलमान ने कुछ चौका कर रख देने वाले खुलासे किये थे। उस समय ही सलमान ने बताया था कि मुंबई उनके साफ्ट टॉरगेट पर है और उनका संगठन वहां धमाका करने की योजना बना रहा है। खैर यह बात अलग है कि जांच एजेंसियों को इस बावत कोई खास सुराग नहीं मिला है।
ध्यान रखने वाली बात यह है कि एनआईए को यह भी जानकारी मिली थी कि इंडियन मुजाहिद्दीन इस बार मुंबई में हमले को अंजाम देने के लिये कम उम्र के बच्चों का इस्तमाल करेगा। हैदराबाद ऑक्टोपस ने फरवरी में ही यह जानकारी मुंबई पुलिस को दे दी थी। यह अलग बात है कि मुंबई पुलिस ने इस पूरे क्रम को हल्के में लिया था। एनआईए को शक है कि इन्हीं लड़कों ने धमाके को अंजाम दिया है।
हैदराबाद ऑक्टोपस ने यह भी जानकारी दी थी कि आंध्र प्रदेश, झारखंड, और बैंगलोर के लड़कों का इस्माल किया जायेगा। मालूम हो कि शक के इस बुनियाद पर एनआईए ने इन लड़कों की तलाश शुरू कर दी है। एनआईए का कहना है कि फिलहाल एक लड़के सर्विलास नेटवर्क से बाहर हैं और एलआईए का यह भी मानना है कि उनके गिरफ्त में आते ही पूरे मामले पर से पर्दा उठ सकेगा।
उल्लेखनीय है कि बुधवार को मुंबई के तीन जगहों झवेरी बाजार, दादर और ओपेरा हाउस में महज 11 मीनट के भीतर तीन धमाकों में 23 लोगों की मौत हो गई थी और 150 से भी ज्यादा लोग घायल हो गये थे। इस हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी संगठन ने नहीं लिया है मगर मौके से बरामद विस्फोटक से इस बात का अंदाजा लगाया जा रहा है कि घटना को इंडियन मुजाहिद्दीन आतंकी संगठन ने दिया है।












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