मुबई बम ब्लास्ट: दर्द और दहशत के पीछे अंडरवर्ल्ड तो नहीं?

इंडियन मुजाहिद्दीन और लश्कर-ए-तैयबा तो शक के घेरे में है ही मगर पिछले कुछ महिनों से मुंबई में अंडरवर्ल्ड की सक्रियता ने एक बार फिर सोचने पर मजबूर कर दिया है कि कहीं इस हमले में अंडरवर्ल्ड का तो हाथ नही? सूत्रों की मानें तो पीछले कुछ महिनों से मुंबई में अंडरवर्ल्ड पूरी तरह से सक्रिय है। इसका जीता जागता उदाहरण मीडे के वरिष्ठ अपराध संवाददाता जेडे की हत्या और दाऊद इब्राहिम के भाई पर जानलेवा हमला है। अब इन इनपुट पर नजर डालें तो ब्लास्ट में अंडरवर्ल्ड के हाथ होने संभावना संभव है।
अंडरवर्ल्ड पर शक होने की दूसरी वजह यह है कि जिस तरह महज दस मीनट के भीतर ही तीन बम धमाके हुए उससे तो यही लगता है कि इन धमाकों के पीछे उनका ही हाथ हो सकता है जो मुंबई के भौगोलिक दशा से पूरी तरह वाकिफ हो और उन्हें स्थानीय लोगों का स्पोर्ट हो। अला अधिकारियों का मनना है कि इस हादसे में अंडरवर्ल्ड का हाथ ही है भले ही उसे फाइनेंस किसी और ने किया हो।
मालूम हो कि बुधवार की शाम मुंबई की तीन स्थानों ओपेरा हाऊस, दादर और झवेरी बाजार में में सिलसिलेवार बम धमाकों में 23 लोगों की मौत हो गई और लगभग 150 से अधिक लोग घायल हो गये थे। हादसा बुधवार की शाम को हुआ।












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