दिल्ली: शराब की बोतलों पर होगी कोडिंग

इसके लिए चयनित कंपनी टीसीएस से समझौते की प्रक्रिया चल रही है। एक वरिष्ट अधिकारी ने बताया कि वित्त वर्ष के अंतिम तिमाही तक बार कोडिंग लागू कर दी जाएगी। इससे सरकारी टैक्स चोरी और नकली शराब की निगरानी आसानी से कर पाएगी।
शराब की बिक्री से एक अप्रैल से 12 जुलाई तक 603.31 करोड़ का राजस्व मिला है जबकि पिछले साल 516.50 करोड़ मिला था। मनोरंजन कर में 63 फीसदी और विलासिता कर में 47 फीसदी वृद्धि के पीछे आईपीएल को जोड़ा जा रहा है। आईपीएल मैच से न सिर्फ टिकट से राजस्व मिला बल्कि होटलों में अधिक बुकिंग हुई जिससे जम कर मदिरा का इस्तेमाल हुआ।












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