उत्तर प्रदेश: गोरखपुर में इंसेफेलाइटिस से 90 लोगों की मौत

बाबा राघवदास मेडिकल कालेज में जेई पीडि़त कई रोगी भर्ती हैं। रविवार को भर्ती रोगियों में से तीन की हालत गंभीर हो गयी। दोपहर होते-होते तीनों की मौत हो गयी। मरने वालों में कुशीनगर, देवरिया व गोरखपुर जिले का एक-एक मरीज शामिल है। पिछली एक जनवरी से अब तक जेई से पीडि़त 538 रोगी बाबा राघवदास मेडिकल कालेज में उपचार के लिए भर्ती किया जा चुका है जिसमें से 90 रोगियों की मौत हो गयी।
गोरखपुर मेडिकल कालेज में भर्ती कराये गये मरीजों में पूर्वी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के मरीज तो हैं साथ ही आस-पास के जिलों के भी मरीज आते हैं। चिकित्सकों का कहना है पूर्वी उत्तर प्रदेश में जेई का प्रकोप आज से बल्कि कई वर्षों से है जिसके लिए समय-समय पर वैक्सीनेशन आदि होता रहा है लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं है।
हालांकि कुछ समय पूर्व स्वास्थ्य विभाग ने इलाके में टीकाकरण की योजना शुरू की लेकिन पर्याप्त मात्रा में टीकाकरण नहीं हो सकने से क्षेत्र में जापानी इंसेफेलाइटिस के मरीजों की संख्या में कोई कमीं नहीं आयी और उनकी गिनती बढ़ती ही जा रही है। इस महामारी से लगातार हो रही मौतों के बावजूद पूर्वांचल में जेई के इलाज के पुख्ता इंतजाम नहीं किये जा रहे हैं।
एक तरफ जहां जिला अस्पताल व स्वास्थ्य केन्द्रों में इलाज की व्यवस्था लचर है वहीं मेडिकल कालेज स्थित नेहरू अस्पताल के विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। एक निजी संस्था द्वारा महानिदेशक से लेकर शासन स्तर तक पत्राचार किए जाने के बावजूद आज तक वहां के हालातों में कोई सुधार नहीं हो सका है।












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