मंत्रिमंडल विस्तार के लिए सोनिया से मिले पीएम

डीएमके के ए राजा और दयानिधि मारन के इस्तीफे के बाद टेलीकॉम और कपड़ा मंत्रालय की सीटें खाली हैं। इसके अलावा आर्थिक मामलों के मंत्री मुरली देवड़ा के इस्तीफे के बाद इस विभाग के लिए भी मंत्री पद पर विचार किया जाना है। कौन सा मंत्रालय किस पार्टी के पास जाएगा इस पर भी माथापच्ची की जा रही है।
इसी सिलसिले में आज कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह ने मुलाकात की। इस बैठक में जो सबसे महत्वपूर्ण फैसला किया गया वह था काफी समय से खाली पड़े रेलवे विभाग के लिए किसी का नाम चुनने का। यह विभाग तृणमूल के पास ही बरकरार रखा गया। पार्टी के दिनेश त्रिवेदी को इस मंत्रालय की बागडोर सौंपी गई है। ममता बनर्जी के पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बन जाने के बाद से यह सीट काफी समय से खाली थी।
मंत्रिमंडल में फेरबदल की बात है तो कांग्रेस अपने बड़े मंत्रियों की कुर्सी बरकरार रखेगी। इनमें से पी चिदंबरम और विदेश मंत्री एसएम कृष्णा की कुर्सी को खतरा है। इसके अलावा हाल ही में कपिल सिब्बल का भी नाम 2जी स्पेक्ट्रम में आने से उनका भी मंत्रालय बदला जा सकता है।
सकरार को मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार में इसलिए इतना सोच विचार करना पड़ रहा है क्योंकि उसके ज्यादातर मंत्रियों का नाम घोटालों में शामिल है। ऐसे में सरकार की कोशिश होगी कि वे इन दागी मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखा सरकार की साख को मजबूत करे। फिलहाल इस कोशिश में मनमोहन और सोनिया को काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
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