डीएमके-कांग्रेस साथ-साथ है : प्रणब मुखर्जी

एक घंटे से ज्यादा चली मुलाकात के बाद मुखर्जी मीडिया से मुखातिब हुए और कहा कि दोनों ही पार्टियों के बीच में कोई मन मुटाव नहीं है, दोनों वैसे ही रहेगें जैसे रहते आये हैं। आपको बता दें कि जिस समय प्रणब ने करूणा से भेंट कि उस समय वहां दयानिधि मारन मौजूद थे।
गौरतलब है कि पहले ए राजा, फिर कनिमोझी और उसके बाद दयानिधि मारन पर कसता सीबीआई के शिकंजे के बाद ये कयास लगाया जा रहा था कि शायद यूपीए डीएमके का साथ छोड़ देगी। क्योंकि विरोधी पार्टियों को दवाब में कांग्रेस घोटालों के आरोप से बचने के लिए ऐसा कर सकती है।












Click it and Unblock the Notifications