भाजपा ने अब खोला मायावती का एनसीआर घोटाला

उन्होंने कहा कि वर्ष 2010-11 में मायावती सरकार ने नोएडा के मूल्यवान 16 व्यवसायिक भूखंडों को मनमाने तरीके से अपने करीबी बिल्डरों को सौंपा। डा. सोमैया ने बताया कि 60 हजार करोड़ के भूखण्डों को 19,490 करोड़ रुपये में बेच दिया। इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र व सूर्य प्रताप शाही भी मौजूद थे।
डा. सोमैया ने आरोप लगाते वक्त वह सबूत भी दिखाए जिससे यह साबित होता था कि यह घोटाला किस प्रकार अंजाम दिया गया। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के प्रवर्तन निदेशायल ने नोएडा एनसीआर से जब भूमि आवंटन का विवरण मांगा तो 113 पन्नों की जो रिपोर्ट निदेशालय को प्राप्त हुई उससे पता चला कि किस प्रकार चहेतों को रेवड़ी बांटी गयी हैं। रिपोर्ट के अनुसार लॉजिक्स समूह, विस्तार समूह व पांटी चढ्ढा का वेव इफ्राटेक समूह प्रमुख है।
डा. सोमैया ने बताया कि मायावती पॉन्टी चढ्ढा पर बहुत मेहरबान रहती हैं जिसका उदारण था कि टीपी सेंटर जहां के भूखण्डों के दाम सबसे अधिक होते हैं वह जगह पॉन्टी चढ्ढा को दी गयी। 11 मार्च 2011 को हुए इस सौदे के तहत मेसर्स वेव इन्फ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड को 6.14 लाख वर्ग मीटर की भूमि महज 1.07 लाख प्रति वर्ग मीटर की दर से बगैर किसी नियम कानून को आवंटित कर दी गयी। उन्होंने कहा कि वेव इन्फ्रोटेक के बारे में तो सभी को पता था लेकिन शेष दो कम्पनियों के मालिकों का सरकारी दस्तावेजों में कुछ अता पता ही नहीं है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आखिर इन कम्पनियों के असली लाभार्थी कौन हैं, इन समूहों के मालिक व सदस्यों के नामों को भी उजागर किया जाना चाहिए।
डा. सोमैया के अनुसार 28 मार्च को 6 सौदे एक ही दिन कर दिए गये जिसमें 1690524 वर्ग मीटर की जमीन का आवंटन हुआ। पत्रकार वार्ता में मौजूद भाजपा नेता ने इसघोटाले की जांच एसआईटी या फिर सीबीआई से कराए जाने की मांग की।












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