दिल्‍ली: प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन के स्वयंभू कमांडर गिरफ्तार

Delhi: 2 Arrested with drug
दिल्ली। ड्रग्स व आंतकी गतिविधियों में शामिल दो लोगों को पुलिस की अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि ये लोग पूर्वोत्तर के राज्यों में सक्रिय है तथा उग्रवादी संगठन की ताकत बढ़ाने के लिए ड्रग्स का धंधा करते हैं। पुलिस का कहना है कि ये ड्रग्स की तस्करी से मिले पैसे से हथियार व गोला बारूद खरीदते हैं। इनकी दिल्ली में गिरफ्तारी से प्रशासनिक हलकों में खलबली मची हुई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उग्रवाद एक लिए काम करने वाले एक सिंडीकेट का पर्दाफाश किया है। इसके तहत पुलिस ने मणिपुरी प्रतिबंधित संगठन कांग्लीपाक कम्युनिस्ट पार्टी मोबाइल टास्क फोर्स के सुनील मेंती ग्रुप के कमांडर सुनील मेंती उर्फ चिरोम तिकेन (35) तथा रविंद्रो (43) को गिरफ्तार किया है। रविंद्रो ड्रग्स रैकेट का धंधा करता है व उग्रवादी संगठन की मदद करता था। उसकी पत्नी मणिपुर पुलिस में डीएसपी है।

स्पेशल सेल उपायुक्त अरुण कंपानी ने बताया कि स्पेशल सेल ने मणिपुरी युवक नेपोलियन को गिरफ्तार कर 200 किलोग्राम एफेड्रिन बरामद की थी। इस मामले में विगत 5 मई को स्पेशल सेल ने बेंगलूर से मणिपुरी संगठन केसीपी (एमसी) के स्वयंभू कमांडर नंगथंबम आनंद उर्फ मलिंगमबा को गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ में पता चला कि ड्रग्स के सिंडीकेट में केसीपी (एमटीएफ) का कमांडर इन चीफ सुनील मेंती भी शामिल है। स्पेशल सेल एसीपी एसके गिरि की देखरेख में बेंगलूर से सुनील मेंती को दबोच लिया। उसके कब्जे से एक लैपटॉप, चार मोबाइल फोन, बड़ी तादाद में सिमकार्ड, धमकी भरे ईमेल आदि बरामद हुए।

उससे पूछताछ में पता चला कि सुनील मेंती का बड़ा भाई रंजीत उर्फ लंगंबा उर्फ अनिल भी केवाईकेएल (कांगली यावोल कन्ना लूप) नाम के प्रतिबंधित संगठन का प्रचार सचिव था। आरंभ में सुनील केवाईकेएल से जुड़ा था, लेकिन गिरफ्तारी के बाद जेल में उसकी मुलाकात केसीपी (एमटीएफ) के संस्थापक सिटी मेंती से हुई।

जेल से रिहा होकर सुनील मेंती केसीपी (एमटीएफ) के लिए काम करने लगा। उसके पास चंदा जुटाने एवं नए लोगों को भर्ती करने की जिम्मेदारी थी। इस बीच सुनील ने नंगंबा मनगंग के साथ अपना अलग संगठन केसीपी (एमटीएफ सुनील मेंती गु्रप) बना लिया। लेकिन 2009 में नगंगा मनगंग को दिल्ली पुलिस ने पकड़ लिया। इसके बाद सुनील अपनी पत्नी के साथ नेपाल चला गया था। एक साल वहां रहने के बाद वह आइजॉल में रहने लगा।

मणिपुर के कमांडो ने वहां दबिश देकर उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया जबकि सुनील बेंगलूर आकर रहने लगा। यहां वह केसीपी (एमसी) के कमांडर थोकचम नंदो तथा नंगथंबम आनंद से मिला। दोनों ने उसे ड्रग्स के धंधे में रुपये निवेश कर मोटी कमाई करने का लालच दिया। इसके बाद सुनील ने रविंद्रो की मदद से तीन लाख रुपये ड्रग्स के काम में लगाए। एक साल में ड्रग्स एवं मणिपुर में सरकारी ठेकेदारों व कर्मचारियों से वह 50 लाख रुपये की कमाई कर चुका है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बांग्लादेश में केवाईकेएल संगठन के शिविर में हथियार व गोला बारूद चलाने का प्रशिक्षण ले चुके सुनील मेंती ने ड्रग्स से हुई कमाई से एके47 व एके 56 खरीदी है।

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