केरल के मंदिर के तहखाने में मिले खजाने की कीमत 10, 0000 करोड़ पहुंची

आपको बताते चलें कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश में बनी समिति ने शनिवार को छठे दिन भी तहखाने की तलाशी जारी रखी। इसमें भगवना विष्णु की सोने की एक मूर्ति मिली। इस पर हीरे और रत्न भी जड़े हुए हैं। इस मूर्ति का मूल्य अभी नहीं आंका जा सका है। इसके अलावा 1-1 किलो वजन की शुद्ध सोने की कई आकृतियां ओर 18 फुट तक लंबे, 35 किलो वजनी गहने भी मिले। सिक्कों ओर कीमती पत्थरों से भरी बोरियां भी मिलीं। गैरआधिकारिक अनुमान के मुताबिक इस चैंबर ए से मिली संपत्ति का मूल्य 100000 करोड़ रुपये से भी अधिक पहुंच चुका है।
गौरतलब है कि मंदिर के बेसमेंट में छह कमरे हैं। अब शायद इसे कमरा कहना उचित नहीं होगा क्योंकि यह तहखाने के रूप में तब्दील हो चुके हैं। सभी तहखाने ए से लेकर एफ तक है। ए तहखाने से मिले सभी समानों का लेखा जोखा कर लिया गया है। अब सिर्फ बी और ई चेंबर खोला जाना बाकी है। चैंबर बी 1872 के बाद से नहीं खोला गया है। काम सोमवार को भी जारी रहेगा। इन तहखानों से मिली संपत्ति के दस्तावेज सर्वोच्च न्यायालय में जमा किए जाएंगे। इसके बाद ही पद्मनाभ मंदिर के अकूत खजाने की सही कीमत का खुलासा किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि यह मंदिर भारत के सबसे धनवान मंदिर के रूप में सामने आ रहा है। इसलिए अब राज्य सरकार ने यहां सुरक्षा बढ़ाने का फैसला किया है। मंदिर के आस-पास सशस्त्र पुलिस बलों की दो प्लाटून तैनात की गई हैं और मंदिर की फोटोग्राफी पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। कहा जाता है कि ट्रावनकोर राजाओं ने ब्रिटिश शासकों से बचाने के लिए विशाल खजाना इस मंदिर के तहखाने में छुपा कर रखा था। यह धन अकाल जैसी आपदा के समय खर्च करने के लिए था।












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