महंगाई का खाने की थाली पर वार

ज्यादातर शहरों में सब्जियां ट्रांसपोर्ट की मदद से ही मंडियों तक पहुंचाई जाती हैं। दिल्ली की बात करें तो आप देखेंगे कि डीजल के बढ़े दामों ने सब्जियों का जायका कैसे खराब किया है। इसमें बारिश ने भी अपनी भूमिका निभाई है। बारिश की वजह से भी कुछ सब्जियां महंगी हो गई हैं। आइए एक नजर डालते हैं सब्जियों की बढ़ी हुई कीमतों पर-
;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;| सब्जियां | दाम पहले(रुपए) | दाम अब(रुपए) |
| प्याज | 15 | 20 |
| टमाटर | 20 | 50 |
| शिमला मिर्च | 35 | 40 |
| आलू | 15 | 20 |
| लौकी | 15 | 25 |
सरकार ने डीजल के साथ-साथ एलपीजी के दामों में 50 रुपए प्रति सेलेंडर और केरोसीन तेल में 2 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी की है। यानीकि खाना खाने के साथ-साथ पकाना भी महंगा हो गया है। अगर आंकड़ों पर गौर किया जाए तो थाली के दाम अभी पहले से डेढ़ गुने बढ़ गए हैं। जो थाली पहले 50 रुपए की पड़ती थी अब वह 75 रुपए की हो गई है।
अपने यहां अक्सर लोग कहते हैं कि खाओ पियो और मस्त रहो। जैसे-जैसे महंगाई बढ़ रही है वैसे ही यह बातें भी लोगों के जुबान से गायब होती जा रही हैं। जब खाना इतना महंगा हो जाएगा तो कोई कैसे खा पीकर मस्त रह सकता है। लोगों को समझ में नहीं आ रहा है कि क्या खाएं और क्या पिएं।
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